उत्तर प्रदेश में राशन कोटेदारों की आय बढ़ाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत वितरित होने वाले खाद्यान्न पर उचित दर विक्रेताओं को 25 रुपये प्रति कुंतल अतिरिक्त राज्य मार्जिन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस फैसले के बाद कोटेदारों को मिलने वाला कुल लाभांश बढ़कर 125 रुपये प्रति कुंतल हो जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे राशन विक्रेताओं को आर्थिक राहत मिलेगी और राशन वितरण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि 1 सितंबर 2026 के आदेश के तहत उचित दर विक्रेताओं का आधारभूत लाभांश 90 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति कुंतल किया गया था। अब इसके अतिरिक्त 25 रुपये प्रति कुंतल राज्य मार्जिन दिया जाएगा। इससे कोटेदारों की आय में और बढ़ोतरी होगी।
वर्तमान व्यवस्था में खाद्यान्न की सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के तहत राशन वितरण के दौरान कोटेदारों को कई तरह के खर्च उठाने पड़ते हैं। इसके कारण उनकी मासिक बचत सीमित रह जाती थी। अतिरिक्त राज्य मार्जिन मिलने से कोटेदारों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता मिलेगी और उनकी आजीविका को सहारा मिलेगा।
कैबिनेट के फैसले को जुलाई 2026 से प्रभावी माना जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई 2026 से मार्च 2027 तक नौ महीने के लिए राज्य सरकार पर 168.75 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। पूरे वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित अतिरिक्त खर्च करीब 225 करोड़ रुपये होगा। प्रदेश में हर साल औसतन 90 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न वितरित किया जाता है।