उत्तर प्रदेश में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार ने अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के 13 जिलों में पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) के तहत पॉलीक्लीनिक स्थापित करने के लिए मुफ्त जमीन हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इसके तहत ग्राम पंचायतों और स्थानीय प्राधिकरणों की भूमि को स्थानीय सैन्य प्राधिकरण (LMA), सेंट्रल कमांड और भारत सरकार को निशुल्क हस्तांतरित किया जाएगा। इससे पॉलीक्लीनिक के निर्माण की प्रक्रिया आसान होगी और पूर्व सैनिकों को अपने नजदीक बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
उत्तर प्रदेश में लगभग 18 लाख पूर्व सैनिक हैं। ECHS के माध्यम से इन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने का प्रावधान है। नए पॉलीक्लीनिक बनने से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ेगा। इससे इलाज के लिए दूर जाने की जरूरत भी कम हो सकती है।
इन 13 जिलों में बनेंगे पॉलीक्लीनिक
ECHS पॉलीक्लीनिक की स्थापना और निर्माण के लिए इन 13 जिलों में जमीन उपलब्ध कराने की योजना है:
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इटावा
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जालौन
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लखीमपुर खीरी
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बिजनौर
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बुलंदशहर
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मुजफ्फरनगर
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बांदा
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गाजीपुर
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मिर्जापुर
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देवरिया
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सुल्तानपुर
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आजमगढ़
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गोंडा
इन जिलों में ग्राम पंचायतों या स्थानीय प्राधिकरणों की उपलब्ध भूमि को पॉलीक्लीनिक निर्माण के लिए निशुल्क हस्तांतरित किया जाएगा।
क्या है ECHS योजना?
पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) की शुरुआत 1 अप्रैल 2003 को हुई थी। इसका उद्देश्य भूतपूर्व सैनिक पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को बेहतर और निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। योजना के तहत ECHS पॉलीक्लीनिक, सशस्त्र सेना चिकित्सा सुविधाओं, सरकारी अस्पतालों और पैनलबद्ध निजी अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से इलाज की सुविधा दी जाती है।
पॉलीक्लीनिकों के लिए स्थानीय स्तर पर जमीन उपलब्ध होने से निर्माण परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। प्रस्ताव के तहत भूमि स्थानीय सैन्य प्राधिकरण, सेंट्रल कमांड और भारत सरकार को निशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। इससे चिन्हित 13 जिलों में ECHS के स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार का रास्ता साफ होगा और पूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रितों को नजदीक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।