Breaking News

दक्षिणी लेबनान के देबाल में इजरायल ने किया हवाई हमला     |   BJP कोर ग्रुप की बैठक आज, विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों पर होगी चर्चा     |   ईरान का बड़ा दावा: बहरीन और UAE में अमेरिकी ठिकानों पर हमले     |   होर्मुज से 'नंदा देवी' शिप भी भारत लौटा, लाया 47 हजार मीट्रिक टन LPG     |   कतर पर रुक नहीं रहे ईरानी हमले, दोहा में सुनी गई धमाकों की आवाज     |  

हरियाणा राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध और BJP के संजय भाटिया की जीत

हरियाणा राज्यसभा चुनाव 2026 के नतीजे आखिरकार काफी हंगामे के बाद देर रात घोषित कर दिए गए। बीजेपी के संजय भाटिया और कांग्रेस पार्टी के करमवीर सिंह बौद्ध को राज्यसभा की दो सीट पर निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। दरअसल हरियाणा में राज्यसभा की सीट के लिए मतदान सोमवार को शाम चार बजे समाप्त हो गया। इसके बाद वोटों की गिनती को लेकर कांग्रेस और बीजेपी ने आपत्ति जताई। इसके चलते मतगणना काफी देर तक रुकी रही। दरअसल दो विधायकों वाले इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने मतदान से दूरी बनाए रखी, जबकि मतदान से पहले हिमाचल प्रदेश भेजे गए कांग्रेस के विधायक सुबह नौ बजे मतदान शुरू होने के कुछ ही समय बाद चंडीगढ़ लौट आए और कई अन्य प्रमुख विधायकों के साथ उन्होंने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देर रात संवाददाता सम्मेलन में दोनों नेताओं बीजेपी के संजय भाटिया और कांग्रेस पार्टी के करमवीर सिंह बौद्ध को उनकी जीत पर बधाई दी। अधिकारियों ने बताया कि पांच वोट अमान्य घोषित किए गए जिनमें चार कांग्रेस के और एक बीजेपी का है। दरअसल हरियाणा में राज्यसभा की दो सीट के लिए तीन उम्मीदवार बीजेपी के भाटिया (58), कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध (61) और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल (63) चुनाव मैदान में थे। बीजेपी समर्थित नांदल ने 2019 में बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी।

मुख्यमंत्री सैनी ने निर्दलीय उम्मीदवार की ओर से प्राप्त कुल वोट का हवाला देते हुए कहा कि नांदल कांग्रेस उम्मीदवार से मामूली अंतर से हार गए। सैनी ने दावा किया कि कांग्रेस के पांच विधायकों ने ‘क्रॉस-वोटिंग’ की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के चार विधायकों के वोट अमान्य घोषित कर दिए गए। कांग्रेस की हरियाणा इकाई के प्रभारी महासचिव बी.के. हरिप्रसाद ने कहा कि क्रॉस-वोटिंग करने वाले और कांग्रेस के साथ विश्वासघात करने वाले विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

क्रॉस-वोटिंग करने वाले कांग्रेस विधायकों के बारे में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मैं उनके नाम नहीं लूंगा, लेकिन लोगों को समझ आ गया है और जनता उन्हें सबक सिखाएगी। हुड्डा ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने हर तरह की चाल चली। लेकिन कांग्रेस ने ‘अग्नि परीक्षा’ (एक सीट जीतकर) पास की।

राज्यसभा चुनाव में इंडियन नेशनल लोकदल ने मतदान से दूरी बनाए रखी। पार्टी नेताओं अभय सिंह चौटाला और आदित्य देवी लाल ने कहा कि यह फैसला जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इनेलो विधायक आदित्य देवी लाल ने कहा कि जनता भाजपा और कांग्रेस, दोनों से ही त्रस्त है। हरियाणा की 90-सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के 48 विधायक हैं, कांग्रेस के 37, इंडियन नेशनल लोकदल के दो, जबकि तीन विधायक निर्दलीय हैं। राज्यसभा पहुंचने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को 31 वोटों की जरूरत थी।

कांग्रेस के भूपेंद्र सिंह हुड्डा, चंद्र मोहन और निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल ने भी मतदान किया। हरियाणा के मंत्री अनिल विज मतदान करने के लिए व्हीलचेयर पर पहुंचे, हाल ही में गिरने से उनके दोनों पैरों की हड्डी टूट गई थी। विधायकों को बाहर भेजे जाने के मुद्दे पर विज ने कहा कि कांग्रेस को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है, इसलिए उन्हें इधर-उधर ले जाया गया। कांग्रेस की हरियाणा इकाई ने शुक्रवार को अपने 31 विधायकों को शिमला के पास कुफरी स्थित रिजॉर्ट में ठहराया था। इन विधायकों को रविवार को सोलन जिले के कसौली ले जाया गया और वे सोमवार सुबह लौटे। इसके बावजूद कांग्रेस अपने विधायकों को टूटने से नहीं बचा पाई।

हिमाचल से लौट विधायक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के चंडीगढ़ स्थित आवास पहुंचे, जहां से मतदान करने के लिए रवाना हुए। हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के 37 विधायक हैं, हालांकि पारिवारिक कारणों या स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते कुछ विधायक हिमाचल प्रदेश नहीं गए। भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी यहीं रुके रहे। कांग्रेस के पास अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए आवश्यक संख्या बल था। हालांकि कुछ ने क्रॉस वोटिंग की है।