Breaking News

दक्षिणी लेबनान के देबाल में इजरायल ने किया हवाई हमला     |   BJP कोर ग्रुप की बैठक आज, विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों पर होगी चर्चा     |   ईरान का बड़ा दावा: बहरीन और UAE में अमेरिकी ठिकानों पर हमले     |   होर्मुज से 'नंदा देवी' शिप भी भारत लौटा, लाया 47 हजार मीट्रिक टन LPG     |   कतर पर रुक नहीं रहे ईरानी हमले, दोहा में सुनी गई धमाकों की आवाज     |  

पाकिस्तान के हवाई हमले से काबुल दहला, 400 लोगों की मौत, 250 से अधिक घायल

पाकिस्तान ने सोमवार देर रात अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में बड़ी एयरस्ट्राइक की है। इस हमले में 400 अफगानी नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 250 से अधिक घायल हैं। दारुलअमान, अरजान कीमत, खैरखाना और काबुल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों में देर रात जोरदार धमाके और गोलीबारी की आवाज सुनी गई।

पाकिस्तानी वायुसेना के हमले को लेकर तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल में स्थित एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बम गिराए। तालिबान ने इसे संप्रभुत्ता का उल्लंघन बताया है। इस मामले पर अब पाकिस्तान का बयान भी आया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ जैदी ने कहा कि अफगानिस्तान में किसी भी अस्पताल को निशाना नहीं बनाया गया है। उन्होंने कहा कि हमले काबुल और नंगरहार में मौजूद सैन्य ठिकानों, तकनीकी उपकरणों के भंडार और हथियारों के भंडारण स्थलों पर किए गए हैं।

पाकिस्तानी हमलों को लेकर अफगानिस्तान के स्टार क्रिकेटर राशिद खान का भी बयान सामने आया है। राशिद ने हमले को लेकर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि काबुल में पाकिस्तानी हवाई हमलों के कारण आम नागरिकों के हताहत होने की ताज़ा रिपोर्टों से मुझे गहरा दुख हुआ है। आम नागरिकों के घरों, शिक्षण संस्थानों या चिकित्सा सुविधाओं को निशाना बनाना, चाहे जान-बूझकर किया गया हो या गलती से, एक युद्ध अपराध है।

इंसानी जानों के प्रति इस तरह की घोर उपेक्षा, खासकर रमजान के पवित्र महीने में बेहद घिनौनी और गहरी चिंता का विषय है। इससे केवल फूट और नफरत ही बढ़ेगी। मैं संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवाधिकार एजेंसियों से अपील करता हूं कि वे इस ताजा अत्याचार की गहन जांच करें और इसके दोषियों को जवाबदेह ठहराएं। इस मुश्किल घड़ी में मैं अपने अफग़ान लोगों के साथ खड़ा हूं। हम इस सदमे से उबरेंगे और एक राष्ट्र के रूप में फिर से उठ खड़े होंगे। हम हमेशा ऐसा ही करते आए हैं। इंशाअल्लाह!