Breaking News

PM मोदी ने ओमान के सुल्तान और कुवैत के क्राउन प्रिंस से बात की     |   अरविंद केजरीवाल कल मनीष सिसोदिया के घर पर होली मनाएंगे     |   कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि कल ईरानी जेट विमानों को मार गिराने से पहले चेतावनी दी गई थी     |   तमिलनाडु कांग्रेस चीफ बोले- DMK के साथ गठबंधन के लिए बातचीत जारी     |   पूर्ण चंद्र ग्रहण शुरू, चंद्रोदय होते ही भारत के कई हिस्सों में आएगा नजर     |  

बिहार ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 1.95 लाख दावे और आपत्तियां आईं, 25,000 निपटाई गईं

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने गुरुवार को बताया कि बिहार की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने के लिए अब तक 1.95 लाख से ज्यादा दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जिनमें से लगभग 25,000 दावों को निपटा लिया गया है।

आयोग के अनुसार, इनमें से सीपीआई (एमएल) लिबरेशन ने 79 और आरजेडी ने तीन आपत्तियां दायर की हैं। दोनों ही राज्य स्तर की मान्यता प्राप्त पार्टियां हैं। इस बीच, बीजेपी और कांग्रेस जैसे राष्ट्रीय दलों ने अभी तक कोई दावा या आपत्ति नहीं दायर की है, जबकि इस प्रक्रिया को खत्म होने में केवल 4 दिन बाकी हैं।

चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि 1,95,802 दावों में से कितने नाम जोड़ने के लिए और कितने नाम हटाने के लिए थे। एक अधिकारी ने बताया कि "दावे और आपत्तियाँ अपेक्षाकृत कम हैं, क्योंकि ड्राफ्ट लिस्ट से 60 लाख से ज्यादा नाम विभिन्न कारणों से हटाए गए हैं।"

चुनाव आयोग ने सोमवार को कहा था कि ड्राफ्ट लिस्ट के अनुसार, 7.24 करोड़ मतदाताओं में से 99.11 प्रतिशत के दस्तावेज अब तक प्राप्त हो चुके हैं। एक अगस्त को बिहार में मतदाता सूची की विशेष संशोधन प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट लिस्ट प्रकाशित की गई थी।

आयोग ने रविवार को बताया था कि दावे और आपत्तियां दायर करने का समय मतदाताओं को न केवल ड्राफ्ट लिस्ट में हुई गलतियों को ठीक करने का मौका देता है, बल्कि वो वे दस्तावेज भी जमा कर सकते हैं, जिन्हें वे पहले अपने नामांकन फॉर्म में नहीं दे पाए थे।

चुनाव आयोग ने बताया कि 24 जून से 24 अगस्त तक 60 दिनों में 98.2 प्रतिशत लोगों ने अपने दस्तावेज़ जमा कर दिए। सुप्रीम कोर्ट ने अब आयोग से कहा है कि वह आधार कार्ड या उन 11 दस्तावेजों को स्वीकार करे, जिन्हें चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए मान्यता दी है।