Breaking News

लखनऊ: कैसर बाग स्थित सिविल कोर्ट के बाहर बने अवैध चैंबर्स को नगर निगम ने किया ध्वस्त, पुलिस तैनात     |   राजस्थान के नागौर में दर्दनाक सड़क हादसा, बस और कार की भिड़ंत में 4 की मौत     |   CNG की कीमत में फिर बढ़ोतरी, आज से प्रति किलो एक रुपये महंगा     |   MP हाईकोर्ट के आदेश के बाद धार स्थित भोजशाल परिसर में हिंदू पक्ष की पूजा     |   कांगो और युगांडा में इबोला वायरस का प्रकोप, WHO ने घोषित की हेल्थ इमरजेंसी     |  

NEET पेपर लीक मामला: CBI ने NTA विशेषज्ञ मनीषा गुरुनाथ मंडहरे को कोर्ट में पेश किया, 14 दिन की मांगी हिरासत

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंडहरे को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया और आगे की जांच के लिए 14 दिन की पुलिस हिरासत की मांग की। मनीषा मंडहरे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पैनल का हिस्सा थीं और परीक्षा प्रक्रिया में विशेषज्ञ एवं अनुवादक के रूप में नियुक्त थीं। CBI ने अदालत को बताया कि NTA की पूरी परीक्षा प्रक्रिया की जांच की जा रही है। एजेंसी के अनुसार, मंडहरे ने छात्रों से पैसे लिए थे और इस पहलू की भी गहन जांच की जा रही है।

सुनवाई के दौरान मंडहरे के वकील ने CBI की रिमांड याचिका का विरोध करते हुए कहा कि उनके घर से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि मंडहरे पहले दो बार जांच में शामिल हो चुकी हैं और तीन दिन की हिरासत में भी रह चुकी हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मंडहरे को मथुरा के एक होटल से हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। मंडहरे पुणे की एक वरिष्ठ बॉटनी शिक्षिका हैं। CBI ने उन्हें NEET-UG 2026 के बायोलॉजी प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में अहम कड़ी बताया है।

CBI के अनुसार, NTA द्वारा विशेषज्ञ नियुक्त किए जाने के कारण मंडहरे को बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक पहुंच प्राप्त थी। एजेंसी का आरोप है कि अप्रैल महीने में उन्होंने पुणे की मनीषा वागमारे (जिसे 14 मई को गिरफ्तार किया गया था) के माध्यम से NEET अभ्यर्थियों को जुटाया। CBI के मुताबिक, मंडहरे ने पुणे स्थित अपने घर पर विशेष कोचिंग क्लासेज आयोजित कीं, जहां उन्होंने बॉटनी और जूलॉजी के संभावित प्रश्न छात्रों को बताए और उन्हें अपनी कॉपियों व किताबों में नोट करने को कहा। जांच में सामने आया कि इन प्रश्नों में से अधिकांश 3 मई को आयोजित वास्तविक NEET-UG 2026 परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मेल खाते थे।

पिछले 24 घंटों में CBI ने देशभर में छह स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जब्त सामग्री का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। CBI ने यह मामला 12 मई को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर दर्ज किया था। अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से पांच आरोपियों को पहले ही सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा जा चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेकर विशेष कोचिंग सत्र आयोजित किए जाते थे, जहां परीक्षा में आने वाले संभावित प्रश्न बताए और समझाए जाते थे। CBI ने कहा है कि वह इस पूरे मामले की निष्पक्ष, व्यापक और पेशेवर तरीके से जांच जारी रखे हुए है।