Breaking News

यौन उत्पीड़न केस में नासिक कोर्ट ने अशोक खरात को 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजा     |   होर्मुज में गोलीबारी के बाद ट्रंप की धमकी, कहा- समझौता नहीं तो ईरान की तबाही तय     |   24 घंटों में 150 से ज्यादा हिज्बुल्लाह आतंकवादी ढेर: इजरायल     |   मानहानि केस में महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नितेश राणे के खिलाफ वारंट जारी     |   मलेशिया के सबाह में आग से 200 घर तबाह, सैकड़ों लोग बेघर     |  

तांत्रिक साधनाओं के लिए जाना जाता है माता कामाख्या मंदिर, जानें कुछ रहस्यमयी बातें

Kamakhya Temple: माता कामाख्या देवी मंदिर पूरे भारत में प्रसिद्ध है। असम की राजधानी दिसपुर से लगभग 10 किलोमीटर दूर नीलांचल पर्वत पर स्थित है। यह मंदिर 52 शक्तिपीठों में से एक है। यह शक्तिपीठ तांत्रिक साधनाओं के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। आइए आज जानते है कामाख्या देवी का इतिहास...
 
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब देवी सती ने यज्ञ में अपने प्राणों की आहुति दी थी, तब भगवान शिव ने माता सती का जला हुआ शरीर लेकर पूरे संसार में भ्रमण किया। तब स्थिति को संभालने के लिए भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता के अंग काटना शुरू किया और धरती पर जिन 52 जगह पर देवी सती के अंग गिरे, वहीं पर 52 शक्तिपीठों की स्थापना हुई। ऐसा माना जाता है कि नीलांचल पर्वत पर माता की योनि गिरी थी, जिसके कारण यहां कामाख्या देवी शक्तिपीठ की स्थापना हुई। यह बताया जाता है कि ये मंदिर 22 जून से 25 जून तक बंद रहता है क्योंकि इन दिनों माता सती रजस्‍वला रहती हैं। इन 3 दिनों के दौरान पुरुष मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकते।