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अमेरिका ने चीन के साथ व्यापार समझौते की घोषणा की

अमेरिका ने रविवार को ऐलान किया कि दो दिन की बातचीत के बाद उसने चीन के साथ एक व्यापार समझौते पर सहमति बना ली है। यह अहम बातचीत स्विट्ज़रलैंड की सरकार की मध्यस्थता में जिनेवा में हुई। फिलहाल समझौते की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि सोमवार को इसके सभी विवरण साझा किए जाएंगे।

इस समझौते को अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यापार युद्ध को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। वार्ता से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि अगर वार्ता सफल होती है, तो वे चीन पर लगाए गए भारी टैरिफ (145%) को घटाकर 80% तक ला सकते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा था कि इस पर फैसला “स्कॉट बी.” यानी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट पर निर्भर है।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने वार्ता के बाद एक बयान में कहा, "हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार वार्ता में बड़ी प्रगति हुई है। मैं स्विस सरकार का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने यह शानदार मंच उपलब्ध कराया। इससे बातचीत काफी प्रभावशाली और उत्पादक रही।" उन्होंने बताया कि बातचीत में चीन के उप-प्रधानमंत्री और दो उप-मंत्री, अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि एम्बेसडर जैमीसन ग्रीर और वे स्वयं शामिल थे। बेसेन्ट ने कहा,"मैंने और एम्बेसडर जैमीसन ने राष्ट्रपति ट्रंप को पूरी बातचीत की जानकारी दे दी है और वे पूरी तरह से अवगत हैं," ।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने भी वार्ता को "बहुत ही रचनात्मक" बताया और कहा, "हम इतनी जल्दी समझौते तक पहुंच सके, इसका मतलब है कि दोनों देशों के बीच मतभेद उतने गहरे नहीं थे जितना पहले सोचा जा रहा था। हालांकि, इन दो दिनों की बातचीत के पीछे काफी तैयारी और मेहनत की गई थी।"

ग्रीर ने यह भी कहा कि अमेरिका का चीन के साथ $1.2 ट्रिलियन का व्यापार घाटा है, जिसे एक 'राष्ट्रीय आपातकाल' मानते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ लगाए थे। अब सबकी नजर सोमवार को आने वाली विस्तृत जानकारी पर टिकी है, जिससे यह पता चलेगा कि इस व्यापार समझौते में क्या खास शर्तें रखी गई हैं और दोनों देश किस तरह आगे बढ़ेंगे।