फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना ने स्विट्जरलैंड को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली. यह छठी बार है जब अर्जेंटीना की टीम सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल रही है. अर्जेंटीना ने 112वें मिनट में दूसरा गोल किया और मैच को पलट दिया. अब सेमीफाइनल में अर्जेंटीना का मुकाबला इंग्लैंड के साथ होगा. जीत के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ी जश्न मनाते दिखे, मेसी ने अपनी टी- शर्ट उतार दी और खिलाड़ियों के साथ गर्म जोशी के साथ जश्न मनाने लगे.
पहले हाफ में अर्जेंटीना के मैकएलिस्टर ने 10वें मिनट में गोल दागकर ,अर्जेंटीना को स्विट्जरलैंड पर 1-0 की बढ़त दिलाने का काम किया. मैकएलिस्टर ने मेसी की सहायता से एक शानदार गोल किया जिसने अर्जेंटीना को बढ़त दिलाने में कामयाबी पाई, अर्जेंटीना ने कॉर्नर किक का शानदार फ़ायदा उठाते हुए शुरुआती गतिरोध को तोड़ दिया है. लियोनेल मेसी ने कॉर्नर किक ली और एलेक्सिस मैक एलिस्टर ने सबसे ऊंची छलांग लगाकर हेडर से गेंद को नेट के दाईं ओर भेजकर गोल कर दिया. अर्जेंटीना ने स्विस टीम पर बढ़त बना ली है. पहला गोल होते ही अर्जेंटीना के खिलाड़ियों की खुशी सातवें आसमान पर थी. मेसी से लेकर मैकएलिस्टर ने इस पहले गोल का भरपूर जश्न मनाया तो वहीं दूसरी ओर स्विट्जरलैंड के खिलाड़ियों में मायूसी दिखी, यह एक ऐसा पल था जिसने अर्जेंटीना के फैन्स को झूमने पर मजबूर कर दिया.
पहले हाफ में अर्जेंटीना 1-0 से आगे रहा. स्विट्जरलैंड के खिलाड़ियों ने संघर्ष दिखाया जिससे अर्जेंटीना 1 गोल से आगे नहीं बढ़ सकी. स्विट्जरलैंड ने गेंद पर कंट्रोल रखने की शानदार कोशिश की जिसके कारण अर्जेंटीना की टीम दूसरा गोल करने में नाकाम रही है. यही कारण रहा कि कैनसस सिटी में मौजूद फैन्स के लिए रोमांच चरम पर था.
आखिरकार स्विट्जरलैंड के लिए संघर्ष करते रहने का फल मिला और 67वें मिनट में डोये ने गोल दागकर स्कोर को 1-1 की बराबरी पर पहुंचा दिया, अब दोनों टीमें 1-1 की बराबरी थी. मैच का रोमांच और भी चरम पर पहुंच चुका था. कई कोशिशों के बाद, आखिरकार स्विट्जरलैंड अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज की दीवार को तोड़ने में सफल रहा. रिकार्डो रोड्रिगेज ने पेनल्टी एरिया के अंदर डैन एनडोये को सही समय पर पास दिया, और फॉरवर्ड खिलाड़ी ने गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज को छकाते हुए गोल दागकर स्कोर को बराबरी पर लाकर खड़ा कर दिया.
70वें मिनट में स्विट्जरलैंड को बड़ा झटका लगा उनके स्टार खिलाड़ी ब्रील एम्बोलो को रेड कार्ड दिखाया गया. उन्होंने फिर से आक्रामक तरीके से खेलने की कोशिश की, जिस पर रेफरी ने पहले उन्हें येलो कार्ड दिखाया. बाद में, रेफरी ने VAR रिव्यू लिया और फिर उसे रेड कार्ड में बदल दिया. एम्बोलो हैरान दिखे और रेफरी के फैसले से नाराज नजर आए. वहीं, जब वो मैदान से बाहर जा रहे थे तो एम्बोलो अपने जज्बात को रोक नहीं पाए और रोने लग गए, खिलाड़ियों ने सहारा देकर उन्हें मैदान से बाहर किया. यह एम्बोलो का लगातार दो मैच में दूसरा यलो कार्ड रहा और यह रेड कार्ड में तब्दील हो गया. इसके बाद स्विट्जरलैंड की टीम 10 खिलाड़ियों से खेली.
90 मिनट के खेल के बाद स्कोर 1-1 की बराबरी पर रहा, जिसके बाद मैच को एक्स्ट्रा टाइम में ले जाया गया. यह FIFA वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना का 13वां एक्स्ट्रा टाइम है. टूर्नामेंट में किसी भी नेशनल टीम के लिए यह सबसे ज़्यादा है. एक्स्ट्रा टाइम में अर्जेटीना ने कमाल किया और गोल करके टीम को बढ़त दिला दी. अर्जेटीना की ओर से अल्वारेज ने 112वें मिनट में गोल करके टीम को बढ़त दिला दी. यह गोल मैच को बदलने वाला रहा. अर्जेटीना को जब बढ़त मिली तो मेसी का रिेएक्शन भी देखने लायक था. मेसी ने अल्वारेज को गले से लगाकर अपनी खुशी भी जाहिर थी. इसके बाद अर्जेंटीना की ओऱ से लौटारो मार्टिनेज़ ने तीसरा गोल करके मैच को खत्म कर दिया. पेनल्टी एरिया के ठीक बाहर गेंद लौटारो के पास आई और उन्होंने बिना देर किए शॉट मार दिया. उन्होंने निचले दाएं कोने में एक शानदार शॉट मारा, जिससे गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल के पास उसे रोकने का कोई मौका नहीं बचा, इस तरह से अर्जेंटीना के खाते में यह तीसरा गोल आया.
आखिरकार अर्जेंटीना की टीम सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल हो गई, मैच के 112वें मिनट में जूलियन अल्वारेज की ओर से किया गया गोल मैच को पलटने वाला रहा. इस मैच में 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही स्विट्जरलैंड ने लंबे समय तक कड़ा मुकाबला किया लेकिन आखिर में अर्जेंटीना के लगातार हमलों के आगे स्विट्जरलैंड खुद को बचा नहीं पाई . अब लियोनल मेसी की टीम सेमीफाइनल में इंग्लैंड से भिड़ेगी, जहां दोनों टीमें फाइनल में जगह बनाने के लिए आमने-सामने होंगी.
इस जीत में भले ही मेसी कोई गोल नहीं कर पाए लेकिन एक असिस्ट करके इतिहास रच दिया.लियोनेल मेसी FIFA वर्ल्ड कप में 10 असिस्ट देने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं. लियोनल मेसी ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अपना दूसरा असिस्ट किया, इस टूर्नामेंट में उनके नाम 8 गोल और 2 असिस्ट हो गए हैं. ऐसा लग रहा है कि मेसी इस वर्ल्ड कप में अपने नाम गोल्डन बूट का खिताब दर्ज करने में सफल रहोंगे. लेकिन फ्रांस के किलियन एमबाप्पे 8 गोल के साथ बराबरी पर हैं और 3 असिस्ट हैं जिसके कारण गोल्डन बूट की रेस काफी दिलचस्प हो गई है.