मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनी और मार्जिन मनी ऋण पोर्टल का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पारंपरिक कारीगरों के हुनर को सम्मान देने के साथ उन्हें प्रशिक्षण, तकनीक, बाजार और वित्तीय सहायता से जोड़ने का काम कर रही है।
सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले कारीगरों के विकास और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2018 में ओडीओपी योजना और 2019 में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना शुरू की गई, जिससे कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले सात-आठ वर्षों में छह लाख से अधिक हस्तशिल्पियों और कारीगरों को टूलकिट उपलब्ध कराने के साथ प्रशिक्षण दिया गया है। सरकार का उद्देश्य पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार और समाज की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना है। उन्होंने कहा कि बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, टोकरी बुनकर, हलवाई, मोची और धोबी जैसे कारीगरों को प्रशिक्षण के साथ आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत कारीगरों को 10 दिन का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान 5,000 रुपये का मानदेय उपलब्ध कराया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद 15,000 रुपये तक की टूलकिट दी जाती है। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से कारीगरों को अपने हुनर को बेहतर बनाने और स्वरोजगार शुरू करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के पहले चरण में 16 ट्रेड शामिल थे, जिन्हें अब बढ़ाकर 25 कर दिया गया है। इसमें पांच नए पारंपरिक ट्रेड जोड़े गए हैं:
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मूर्तिकार
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दूधिया
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माला बनाने वाला माली
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भड़भूजा
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मछुआरा
इसके अलावा युवाओं की रुचि और बाजार की जरूरतों को देखते हुए मोबाइल रिपेयर, ऑटोमोबाइल रिपेयर, इलेक्ट्रॉनिक आइटम की मरम्मत, विद्युत उपकरणों की मरम्मत, प्लंबिंग, कंप्यूटर रिपेयर, सोलर इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी और ब्यूटी पार्लर जैसे ट्रेड भी शामिल किए गए हैं। सीएम योगी ने कहा कि इन 25 ट्रेड का उद्देश्य कारीगरों और हस्तशिल्पियों को श्रमिक बनने के बजाय उद्यमी बनने का अवसर देना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कारीगरों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बैंक ऋण की सुविधा दी जा रही है। कारीगरों के लिए ऋण की सीमा 10 लाख रुपये तक की गई है। इसमें ब्याजमुक्त और गारंटीमुक्त ऋण के साथ 10 से 15 प्रतिशत तक मार्जिन मनी की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि कारीगरों को ऋण के लिए गारंटी देने की जरूरत नहीं होगी और ब्याज का भार सरकार उठाएगी।
सीएम योगी के अनुसार, 25 से 29 सितंबर तक हर जिले में टूलकिट वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में कारीगरों को टूलकिट के साथ बैंक ऋण से जोड़ने की व्यवस्था भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि कारीगरों को जरूरत के अनुसार 1 लाख, 2 लाख और 8 लाख रुपये तक के ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बैंक अधिकारी भी इन कार्यक्रमों में शामिल होकर कारीगरों को ऋण सुविधा से जोड़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब 96 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं, जिनमें करीब 3 करोड़ 25 लाख लोग रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश की अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने कारीगरों और हस्तशिल्पियों के योगदान को प्रदेश की आर्थिक प्रगति से जोड़ते हुए उनके लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर में उत्तर प्रदेश ट्रेड शो आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों के उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। ट्रेड शो में ढाई हजार से अधिक प्रदर्शकों और साढ़े छह सौ से अधिक विदेशी खरीदारों के शामिल होने की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने अनुमान जताया कि आयोजन में 12 हजार करोड़ से 15 हजार करोड़ रुपये तक का कारोबार हो सकता है।
विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026 के तहत 17 से 19 सितंबर तक प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। इसमें ODOP, ODOC, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, एमएसएमई, सेक्टर स्किल काउंसिल, फ्रेंचाइजी ब्रांड और बैंक से संबंधित 125 स्टॉल लगाए गए हैं। प्रदर्शनी में 25 ट्रेड से जुड़े कारीगरों और उद्यमियों को व्यवसाय विस्तार, तकनीकी उन्नयन, बाजार की मांग, गुणवत्तापूर्ण उत्पाद, पैकेजिंग और विपणन से संबंधित मार्गदर्शन दिया जा रहा है।