Breaking News

ईरान जंग में ट्रंप के बड़े सपोर्टर लिंडसे ग्राहम का 71 साल की उम्र में निधन     |   ओमान तट के पास कमर्शियल शिप पर बड़ा हमला, 11 भारतीय थे सवार, एक लापता     |   शख्स को चाकू से गोदकर मारने वाले 5 नाबालिग गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने सुलझाई गुत्थी     |   संसदीय कार्यमंत्री किरन रिजिजू ने मानसून सत्र को लेकर 19 जुलाई को बुलाई सर्वदलीय बैठक     |   पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भोपाल से दिल्ली के लिए रवाना हुए     |  

ट्विशा शर्मा केस: AIIMS की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, जिम बेल्ट पर मिला त्वचा का हिस्सा, गर्दन के निशानों से मिला मेल

ट्विशा शर्मा मौत मामले में कोर्ट के आदेश पर दूसरी पोस्टमार्टम जांच करने वाले AIIMS दिल्ली के मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम फोरेंसिक रिपोर्ट केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सीलबंद लिफाफे में सौंप दी है। इस रिपोर्ट के साथ मामले में फांसी के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए जिम्नास्टिक बेल्ट और उससे जुड़े धातु के रिंग को लेकर चल रहा अहम फोरेंसिक विवाद सुलझने की बात सामने आई है।

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या धातु के रिंग वाला जिम्नास्टिक बेल्ट वास्तव में फांसी लगाने के लिए इस्तेमाल किया गया था और क्या वह ट्विशा शर्मा की गर्दन पर मिले निशानों से मेल खाता है। पहले पोस्टमार्टम के दौरान कथित लिगेचर (फांसी के लिए इस्तेमाल सामग्री) मेडिकल बोर्ड के सामने प्रस्तुत नहीं की गई थी। इसी वजह से उस समय इसकी पुष्टि नहीं हो सकी थी। बाद में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने AIIMS दिल्ली के मेडिकल बोर्ड से दूसरा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया था।

प्रयोगशाला और हिस्टोपैथोलॉजी जांच में लिगेचर सामग्री पर त्वचा के ऊतक (स्किन टिश्यू) मिलने की पुष्टि हुई है, जिससे यह संकेत मिला कि वह सामग्री गर्दन पर मिले चोट के निशानों से मेल खाती है। हालांकि, मेडिकल बोर्ड की अंतिम राय गोपनीय रखी गई है क्योंकि इसे अदालत के निर्देशानुसार सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंपा गया है।

जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 22 मई को रिट याचिका संख्या 19119/2026 पर सुनवाई करते हुए ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में दूसरी पोस्टमार्टम जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद AIIMS दिल्ली के निदेशक ने फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के पांच विशेषज्ञ डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड बनाया। इस बोर्ड ने 24 मई को दूसरा पोस्टमार्टम किया और घटनास्थल का भी निरीक्षण किया।

हाईकोर्ट के निर्देशानुसार मेडिकल बोर्ड ने 11 पन्नों की मेडिकल रिपोर्ट 10 जुलाई को सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंप दी। इसकी सूचना मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी दे दी गई। AIIMS के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने रिपोर्ट की सामग्री सार्वजनिक करने से इनकार करते हुए कहा कि बोर्ड ने लगभग एक महीने तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रों का अध्ययन किया और हर पहलू का वैज्ञानिक विश्लेषण करने के बाद विस्तृत राय तैयार की है।

उन्होंने कहा, "मेडिकल बोर्ड ने मामले के हर पहलू पर बेहद गहन विचार-विमर्श किया। सभी उपलब्ध राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स का अध्ययन किया गया और वैज्ञानिक आधार पर विस्तृत निष्कर्ष तैयार किया गया है। यह CBI और न्यायपालिका के लिए सत्य और न्याय के हित में एक बिल्कुल स्पष्ट (क्रिस्टल क्लियर) राय है।" फॉरवर्डिंग लेटर के अनुसार, मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट CBI के जांच अधिकारी को सौंप दी है, जबकि दूसरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी जांच एजेंसी के पास सुरक्षित है।

ट्विशा शर्मा, सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की बहू थीं। इस वर्ष भोपाल स्थित अपने ससुराल में वह फंदे से लटकी मिली थीं। शुरुआती जांच और पहले पोस्टमार्टम में कथित खामियों का आरोप लगाते हुए उनके परिवार ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने AIIMS दिल्ली से दूसरा पोस्टमार्टम कराने और बाद में मामले की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया। अब AIIMS की यह फोरेंसिक रिपोर्ट CBI की जांच में एक महत्वपूर्ण साक्ष्य मानी जा रही है।