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साल 2024 में खेल को अलविदा कह चुके भारत के ये दिग्गज, पढ़िए इस खास रिपोर्ट में

कोई भी खिलाड़ी ताउम्र किसी खेल को नहीं खेल सकता। साल 2024 में अलग-अलग खेलों से भारत के कई दिग्गजों ने अपने करियर को अलविदा कह दिया। 

भारत के जाने-माने ऑफ स्पिनर आर. अश्विन ने 18 दिसंबर को ब्रिस्बेन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बीच में ही अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहकर सबको चौंका दिया था। आर. अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट में 106 मैचों में 537 विकेट लिए हैं और इस तरह वे दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बनकर उभरे। हालांकि संन्यास लेने के साथ ही वे महान गेंदबाज अनिल कुंबले के 619 विकेट के रिकॉर्ड से 82 विकेट पीछे रह गए।

तीन बार के ओलंपियन पी. आर. श्रीजेश ने 2006 दक्षिण एशियाई खेलों में भारतीय हॉकी में डेब्यू किया था। उन्हें भारतीय हॉकी की दीवार कहा जाता है। मैदान पर अपने अच्छे स्वभाव और संयम के लिए जाने जाने वाले श्रीजेश ने 2014 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक और 2015 एफआईएच हॉकी विश्व लीग में कांस्य पदक जीतने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने रियो 2016 में भारत की कप्तानी की और हाल के सालों में युवा गोलकीपरों को सलाह दी। श्रीजेश ने संन्यास की घोषणा करने से पहले पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतकर अपने शानदार करियर का समापन किया।

भारत के सबसे बेहतरीन फुटबॉलरों में से एक सुनील छेत्री ने 19 साल के अपने शानदार करियर के बाद 2024 में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास ले लिया। 40 साल के इस खिलाड़ी का आखिरी मैच जून में कुवैत के खिलाफ फीफा विश्व कप का क्वालीफायर मैच था। छेत्री के नाम भारत के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय गोल करने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 151 मैचों में 94 गोल किए हैं। वर्ल्ड लेवल की बात करें, तो वे क्रिस्टियानो रोनाल्डो, लियोनेल मेस्सी और अली डेई के बाद सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं।

इन सब में से विनेश फोगाट का गोल्ड से चूकना भारतीय खेल इतिहास में सबसे ज्यादा दिल तोड़ने वाला लम्हा था। पेरिस ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला पहलवान बनने और कम से कम रजत पदक पक्का करने के बाद भी वो खाली हाथ देश लौंटी। ऐसा इसलिए क्योंकि खिताबी मुकाबले से महज कुछ घंटे पहले 50 किलो फ्रीस्टाइल कुश्ती में उनका वजन तय कैटेगरी से 100 ग्राम ज्यादा निकला, जिसकी वजह से उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था। लाख कोशिशों के बावजूद वे अपना वजन घटाने में नाकाम रहीं और अपने आखिरी ओलंपिक में पोडियम फिनिश खो बैठीं। इसके ठीक एक दिन बाद विनेश ने खेल से संन्यास का ऐलान कर दिया।

भारतीय महिला हॉकी की दिग्गज रानी रामपाल ने 30 साल की उम्र में संन्यास की घोषणा की। पूर्व कप्तान ने 254 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 120 गोल किए। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक 2020 में टीम को ऐतिहासिक चौथे नंबर पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महज 14 साल की उम्र में रानी ने भारत के लिए डेब्यू किया और सीनियर लेवल पर खेलने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गईं। 

भारतीय टेनिस के दिग्गज रोहन बोपन्ना ने पेरिस ओलंपिक 2024 में मेंस डबल्स इवेंट के पहले दौर में बाहर होने के बाद संन्यास का ऐलान किया। हालांकि, नेशनल टीम से अलग होने के बावजूद बोपन्ना एटीपी सर्किट पर खेलना जारी रखेंगे। इससे पहले 2024 में मैथ्यू एबडेन के साथ वे ऑस्ट्रेलियन ओपन मेंस डबल्स में ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने।

ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा करने वाली पहली भारतीय महिला जिमनास्ट दीपा करमाकर ने 31 साल की उम्र में खेल से संन्यास की घोषणा की। करमाकर ने अपने शानदार करियर में कई उपलब्धियां हासिल कीं। रियो ओलंपिक 2016 में फाइनल वॉल्ट इवेंट में उन्होंने चौथे नंबर पर जगह बनाई, जहां उन्होंने सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण प्रोडुनोवा वॉल्ट का प्रदर्शन किया था। 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतने के बाद दीपा पहली भारतीय महिला जिमनास्ट बन गईं।