दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह देशी पिस्तौल, 10 जिंदा कारतूस और एक कार बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी 20 वर्षीय हनी निहाल उर्फ पंडित और दिल्ली के कोटला गांव निवासी 19 वर्षीय जतिन भाटी उर्फ प्रिंस के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, 19 अगस्त को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति मध्य प्रदेश से अवैध हथियार और गोला-बारूद की खेप लेकर दिल्ली आने वाला है। इसके बाद पुलिस टीम ने दिल्ली के रिंग रोड स्थित धौलाकुआं में जाल बिछाया और हनी निहाल उर्फ पंडित को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से पांच देशी पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके बाद आर्म्स एक्ट की धारा 25(8) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पूछताछ में हनी ने कथित तौर पर खुलासा किया कि वह मध्य प्रदेश से अवैध हथियार और कारतूस लेकर आया था और इन्हें जतिन उर्फ प्रिंस को सौंपना था।
हनी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने 20 अगस्त को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित वसुंधरा में जतिन को पकड़ने की कोशिश की। थोड़ी देर पीछा करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से एक पिस्तौल बरामद की गई। पुलिस के मुताबिक, अगस्त 2026 में हनी की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के जरिए जतिन से हुई थी। जतिन ने कथित तौर पर उसे भुगतान के बदले मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जाकर एक संपर्क से हथियारों की खेप लाने के लिए कहा था।
पुलिस के अनुसार, खेप लेने के बाद हनी बस से इंदौर पहुंचा और वहां से दूसरी बस लेकर दिल्ली आया। जांच में सामने आया कि जतिन कथित तौर पर अवैध हथियारों की खरीद और बिक्री में शामिल था और इस गैरकानूनी कारोबार से मुनाफा कमाता था। अधिकारियों के मुताबिक, वह उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश से कैरियर के जरिए हथियार मंगवाता था और उन्हें दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करता था। पुलिस अब इस कथित अंतरराज्यीय हथियार नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आगे की जांच कर रही है। अधिकारी बरामद हथियारों के स्रोत, उन्हें कहां पहुंचाया जाना था और हथियारों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई से जुड़े व्यापक नेटवर्क का भी पता लगा रहे हैं।