उत्तर प्रदेश में अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने गंगा में नावों के संचालन पर रोक लगा दी है और बाढ़ प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। गंगा का खतरे का निशान 71.26 मीटर है, जबकि बाढ़ का उच्चतम स्तर 73.90 मीटर निर्धारित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए गंगा में नावों के संचालन पर रोक लगाई गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे घाटों तथा तेज बहाव वाले इलाकों में जाने से बचें।
मिर्जापुर में लगातार हो रही बारिश के बाद जिले की कुछ प्रमुख सड़कों पर जलभराव हो गया है। भटौली-मिर्जापुर मार्ग पर पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश के कारण हुए जलभराव से परिवहन व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। मिर्जापुर के अलावा गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण पूर्वांचल के कई अन्य जिलों में भी प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।
वहीं, चित्रकूट में पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में हुई भारी बारिश के बाद मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से करीब चार मीटर ऊपर बह रही थी। चित्रकूट धाम डिवीजन के कमिश्नर अजीत कुमार ने बताया कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। साथ ही, उन्हें भोजन और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
यूपी में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर, वाराणसी में नाव संचालन पर रोक
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