Breaking News

सत्य निकेतन PG हादसा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, सभी निजी हॉस्टलों के ऑडिट की मांग     |   उत्तर प्रदेश के हापुड़ के धौलाना में केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग, दूर तक दिखा धुएं का गुबार     |   पीएम मोदी का मेगा शो, Gen-Z से सीधा संवाद, वडोदरा में 6 हजार यंग प्रोफेशनल जुटे     |   सपा के नए ड्रेस कोड पर BJP का तंज- ‘चुनाव आते ही बदल लिया भेष’     |   दिल्ली PG हादसे के बाद NHRC का UGC और दिल्ली सरकार को नोटिस, DU हॉस्टल पर मांगी रिपोर्ट     |  

चुनावी बॉन्ड: सुप्रीम कोर्ट ने SBI को जारी किया नोटिस, कहा- बॉन्ड नंबर का खुलासा नहीं किया

Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को नोटिस जारी करते हुए कहा कि उसे राजनैतिक दलों को मिले चुनावी बॉन्ड के यूनीक अल्फा-न्यूमेरिक नंबरों का खुलासा करना चाहिए था। कोर्ट ने एसबीआई से जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने चुनाव आयोग के 11 मार्च के आदेश को लागू करने में संशोधन के लिए दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए रजिस्ट्रार (न्यायिक) को ये सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि निर्वाचन आयोग की तरफ से पहले दाखिल किए गए आंकड़ों को सीलबंद लिफाफे में स्कैन और डिजिटल किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये काम शनिवार शाम पांच बजे तक किया जाए और कवायद पूरी होने के बाद मूल दस्तावेज चुनाव आयोग को लौटा दिए जाएं। जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बी. आर. गवई, जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और वकील प्रशांत भूषण की इस दलील का संज्ञान लिया कि एसबीआई ने चुनावी बॉन्ड के अल्फान्यूमेरिक नंबरों का खुलासा नहीं किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने बैंक को नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई के लिए 18 मार्च की तारीख तय की। सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने आवेदन में निर्वाचन आयोग ने कहा कि 11 मार्च के आदेश में जिक्र किया गया था कि सुनवाई के दौरान उसकी तरफ से कोर्ट में सौंपे गए दस्तावेजों की कॉपी निर्वाचन आयोग के ऑफिस में रखी जाएं।

चुनाव आयोग ने कहा कि उसने दस्तावेजों की कोई कॉपी नहीं रखी है और कहा कि उन्हें लौटाया जा सकता है ताकि वे कोर्ट के निर्देशों का पालन कर सके।