Breaking News

ईरान-US-इजरायल युद्ध: फ्रांस लाल सागर में 2 जंगी जहाज भेजेगा- राष्ट्रपति मैक्रों     |   महाराष्ट्र: अंबरनाथ में गणेश केमिकल कंपनी में भीषण आग, किसी के हताहत की खबर नहीं     |   लोकसभा स्पीकर हटाने के प्रस्ताव पर BJP से अमित शाह-किरेन रिजीजू समेत 8 नेता बोलेंगे     |   पश्चिमी एशिया युद्ध से अर्थव्यवस्था को नुकसान, LPG की कीमतें बढ़ीं: राहुल गांधी     |   समाजवादी पार्टी असम विधानसभा चुनाव में पांच सीटों पर इलेक्शन लड़ेगी     |  

काशी तमिल संगमम् 4.0 की तैयारियां जारी, भारत की एकता-सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करना मकसद

Uttar Pradesh: आध्यात्मिक नगरी वाराणसी में काशी तमिल संगमम् 4.0 की भव्य तैयारियां चल रही हैं। काशी और तमिलनाडु की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने वाला ये समारोह दो हफ्ते तक चलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और तमिलनाडु के राज्यपाल उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। इस साल संगमम् का विषय- 'तमिल सीखें- तमिल करकलाम' है। इस समारोह का उद्देश्य भारत की एकता और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करना है।

इस साल ढाई से तीन हजार डेलिगेट्स काशी तमिल संगमम् 4.0 में हिस्सा लेंगे। इसका आयोजन शिक्षा मंत्रालय की तरफ से किया गया है। इस पहल के तहत उत्तर प्रदेश के कुछ छात्रों को चुना जाएगा, जिन्हें तमिलनाडु जाने और स्कूलों और कॉलेजों में अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। साथ ही तमिल भाषा से रू-ब-रू होने का मौका भी मिलेगा।

वाराणसी के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर सत्येंद्र कुमार ने बताया, "देखिए, काशी तमिल संगमम 4.0, इसका चौथा संस्करण है। इसका प्रारंभ कल दो दिसंबर से होगा। दो तारीख से 17 (दिसंबर) तक चलेगा। इस दौरान सात अलग-अलग ग्रुप में तमिलनाडु से डेलिगेशन वाराणसी आएंगे और वाराणसी के अतिरिक्त ये प्रयागराज और अयोध्या भी जाएंगे। इस पूरे काशी तमिल संगमम् कार्यक्रम के दौरान तमिलनाडु से कुछ शिक्षक भी यहां पर आएंगे जो अलग-अलग विद्यलायों में जाकर के बच्चों तो तमिल भाषा का ज्ञान भी प्रदान करेंगे। इसके अतिरिक्त यहां से कुछ बच्चे हैं जिनकी पहचान की जाएगी, उनको तमिलनाडु जाकर वहां अलग-अलग विद्यालयों में, अलग-अलग कॉलेजों में जाकर वहां कार्यक्रमों में भाग लेने का मौका मिलेगा।"