दिल्ली पुलिस ने गुरु रंधावा से जुड़े जिम पर हुई फायरिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों मुख्य शूटर्स को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की, जिसके बाद हुई कार्रवाई में दोनों के पैरों में गोली लगी। फिलहाल उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और कड़ी सुरक्षा के बीच पूछताछ जारी है।
यह मामला उस फायरिंग से जुड़ा है जो पश्चिम विहार स्थित गुरु रंधावा से जुड़े जिम के बाहर हुई थी। जांच में आरोपियों के कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंध सामने आए थे। पुलिस का कहना है कि एनकाउंटर के बाद मामले में कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस ने आरोपियों पास से पाकिस्तान में बने हथियार भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी हकीकत और सागर के रूप में हुई है। दोनों का संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अनिल पंडित मॉड्यूल से बताया जा रहा है।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
- दिल्ली पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट को सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी पश्चिमी विहार इलाके में घूम रहे हैं।
- बताया जा रहा है कि वे किसी दूसरी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
- पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी।
- जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैरों में गोली लगी और उन्हें दबोच लिया गया।
जिम पर क्यों हुई थी फायरिंग?
- 11 जून की सुबह करीब 4 बजे पश्चिमी विहार स्थित 24HS फिटनेस जिम के बाहर गोलीबारी हुई थी।
- हमलावरों ने जिम के बाहर कई राउंड फायर किए थे और मौके से सात खाली कारतूस बरामद हुए थे।
- घटना में कोई घायल नहीं हुआ था।
- बाद में सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित नामक व्यक्ति ने फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी।
पहले भी हुई थीं गिरफ्तारियां
- इस मामले में पुलिस पहले अरमान और तुषार नाम के दो आरोपियों को बहादुरगढ़ से गिरफ्तार कर चुकी है।
- जांच में सामने आया कि फायरिंग की साजिश गैंग के निर्देश पर रची गई थी।
- पुलिस अब पूरे नेटवर्क और फरार गैंग सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।