घर में बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी के चलते महिलाएं नौकरी या व्यवसाय करना तो दूर महज आधे-एक घंटे के लिए बाजार तक नहीं जा पाती हैं। ऐसी महिलाओं के लिए नवरात्रों के मौके पर विशेष उपहार मिलने जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग पांच अक्तूबर को हरिद्वार और सेलाकुई में आंगनबाड़ी कम क्रेच (पालना केंद्र) की शुरुआत करने जा रहा है, जहां सुबह से शाम तक किसी भी समय, कितनी भी देर, छह महीने से लेकर छह साल तक के बच्चों को छोड़कर बेफिक्र जाया जा सकता है, वो भी बिलकुल निशुल्क। इन पालना केंद्रों पर बच्चों के लिए तीन समय का आहार, सोने की व्यवस्था, खिलौने, झूले, शिशुओं व बच्चों के लिए शौचालय आदि सुविधाएं मिलेंगी। जरूरत पड़ने पर कपड़े और डायपर तक देने की व्यवस्था है।