उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। शैक्षिक सत्र 2026-27 में इसके लिए शुल्क प्रतिपूर्ति और वित्तीय सहायता के मद में कुल ₹698.27 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इससे पात्र बच्चों को निजी विद्यालयों में पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक मदद मिलेगी।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 तक आरटीई के तहत 5,36,285 बच्चे अध्ययनरत थे। शैक्षिक सत्र 2026-27 में 1,57,127 नए बच्चों के प्रवेश के बाद इनकी कुल संख्या बढ़कर 6,93,412 हो गई है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2027-28 में लगभग 1.70 लाख नए प्रवेश होने की संभावना है। इसके लिए ₹85 करोड़ की वित्तीय आवश्यकता का आकलन किया गया है।
शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए ₹362.56 करोड़ आवंटित
आरटीई के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 में शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए ₹362.56 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, वित्तीय सहायता के मद में ₹335.70 करोड़ निर्धारित किए गए हैं। दोनों मदों में कुल ₹698.27 करोड़ का आवंटन किया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य पात्र बच्चों को शिक्षा के अवसर देना और आर्थिक स्थिति के कारण उनकी पढ़ाई में रुकावट आने से रोकना है।
अगले सत्र में 1.70 लाख नए प्रवेश का अनुमान
आरटीई के तहत बढ़ते नामांकन को देखते हुए सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2027-28 की जरूरतों का भी आकलन किया है। विभागीय अनुमान के मुताबिक, इस दौरान करीब 1,70,000 नए बच्चों को प्रवेश मिल सकता है। इनके लिए ₹85 करोड़ की वित्तीय आवश्यकता का अनुमान लगाया गया है, ताकि नए विद्यार्थियों को योजना का लाभ देने के लिए जरूरी संसाधनों की व्यवस्था की जा सके।
बच्चों की शिक्षा के लिए ₹431.71 करोड़ का बजट प्रस्ताव
विभागीय पत्र के अनुसार, वर्ष 2026-27 में अध्ययनरत बच्चों और वर्ष 2027-28 में संभावित नए प्रवेश को ध्यान में रखते हुए ₹43,170.60 लाख यानी लगभग ₹431.71 करोड़ का बजट प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इस प्रस्ताव में वर्ष 2025-26 तक अध्ययनरत 5,36,285 बच्चों के लिए ₹268.1425 करोड़, वर्ष 2026-27 में नए प्रवेश पाने वाले 1,57,127 बच्चों के लिए ₹78.5635 करोड़ और वर्ष 2027-28 में संभावित 1.70 लाख नए बच्चों के लिए ₹85 करोड़ की जरूरत का आकलन किया गया है।
पात्र बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा संदीप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आरटीई के तहत पात्र बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा से वंचित न रहना पड़े, इसके लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
वहीं, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी के अनुसार, आरटीई के तहत नामांकन और वित्तीय जरूरतों के आधार पर जनपदवार प्रगति की समीक्षा की जा रही है। विभाग का उद्देश्य पात्र बच्चों तक योजना का लाभ पहुंचाना और उनकी पढ़ाई जारी रखने में सहयोग करना है।