जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण चिनाब नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। इसके चलते प्रशासन ने सोमवार को बगलिहार बांध के तीन गेट खोल दिए हैं, ताकि अतिरिक्त पानी को सुरक्षित तरीके से छोड़ा जा सके। अधिकारियों के अनुसार, डोडा और किश्तवाड़ क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से चिनाब नदी में पानी का बहाव काफी बढ़ गया है। प्रशासन मौसम की स्थिति और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब भारत ने हाल ही में दोहराया है कि सिंधु जल संधि पाकिस्तान के साथ तब तक स्थगित रहेगी, जब तक वह सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना पूरी तरह और विश्वसनीय तरीके से बंद नहीं करता। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में कहा था कि भारत का रुख स्पष्ट है और पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को समर्थन जारी रखने के कारण सिंधु जल संधि फिलहाल स्थगित रहेगी।
भारत ने पाकिस्तान की ओर से चिनाब और ब्यास नदियों पर बनाई जा रही जलविद्युत परियोजनाओं को लेकर उठाई गई आपत्तियों को भी खारिज किया है। साथ ही, मई 2026 में तथाकथित मध्यस्थता न्यायालय के फैसले को भारत ने अवैध बताते हुए उसे मानने से इनकार कर दिया है। गौरतलब है कि बगलिहार जलविद्युत परियोजना रामबन जिले में चिनाब नदी पर स्थित है और यह बिजली उत्पादन के साथ-साथ जल प्रबंधन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण परियोजना है।
सिंधु जल संधि पर भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ष 1960 में हस्ताक्षर हुए थे। इसके तहत:
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भारत को रावी, ब्यास और सतलुज नदियों के पानी पर पूर्ण अधिकार मिला है।
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पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों का पानी मिलता है।
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हालांकि, भारत को पश्चिमी नदियों पर घरेलू उपयोग, सिंचाई और 'रन-ऑफ-द-रिवर' (Run-of-the-River) जलविद्युत परियोजनाएं संचालित करने का अधिकार भी प्राप्त है।
भारत ने अपने हिस्से के पानी का बेहतर उपयोग करने के लिए भाखड़ा, पोंग, पंडोह और रंजीत सागर (थीन) बांध जैसी कई बड़ी परियोजनाएं विकसित की हैं।