UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के पूर्व गृह मंत्री व उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री ‘भारत रत्न’ पंडित गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने लोकभवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें भारत मां का महान सपूत, प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, कुशल अधिवक्ता व सुयोग्य प्रशासक बताया। सीएम ने कहा कि पं. गोविंद बल्लभ पंत के कार्य हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अपने समय में उत्तर प्रदेश के विकास व सुधार के लिए अनेक कदम उठाए।
राष्ट्रपिता के आह्वान पर वकालत छोड़कर स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े थे पं. पंत
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जन्म वर्तमान उत्तराखंड में हुआ था, उस समय उत्तराखंड संयुक्त प्रांत का हिस्सा था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर वह वकालत छोड़कर स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े थे। जब देश गुलाम था, तब 1937 में उत्तर प्रदेश के प्रीमियर के रूप में उनका चयन हुआ था, उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में पं. गोविंद बल्लभ पंत जी का स्मरण सभी करते हैं।
मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने रखी थी विकास की आधारशिला
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में पंत जी ने विकास की जो आधारशिला रखी और जो विजन प्रस्तुत किया, उसका अनुसरण करते हुए उत्तर प्रदेश आज भारत की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बना हुआ है। यूपी आज जो कुछ भी कर पा रहा है, उसके पीछे पं. गोविंद बल्लभ पंत की सोच है। उन्होंने अपने समय में उत्तर प्रदेश के विकास व सुधार के लिए अनेक कदम उठाए।
उन्होंने गृह मंत्री के रूप में देश को अमूल्य सेवाएं दीं। राजभाषा हिंदी के प्रोत्साहन, प्रचार-प्रसार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। देश की स्वाधीनता में अमूल्य योगदान तथा उत्तर प्रदेश व देश की बहुमूल्य सेवा के लिए 1957 में उन्हें ‘भारत रत्न’ प्रदान किया गया। पं. गोविंद बल्लभ पंत के कार्य आज भी हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं।