कर्नाटक सरकार ने राज्य में शराब और बीयर की कीमत तय करने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। राज्य आबकारी विभाग ने सभी ब्रांडों की संशोधित अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) प्रकाशित करने के निर्देश दिए हैं। कर्नाटक इस नई व्यवस्था को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। अब शराब पर आबकारी शुल्क Alcohol-in-Beverage (AIB) यानी पेय में मौजूद अल्कोहल की मात्रा के आधार पर तय किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने 2026-27 के बजट भाषण में इस नई प्रणाली की घोषणा की थी। इसके बाद सरकार ने 8 मई 2026 को अधिसूचना जारी कर कर्नाटक आबकारी (Excise Duties and Fees) नियम, 1968 में संशोधन किया। संशोधित नियम 11 मई 2026 से लागू हो गए हैं। नई AIB प्रणाली के तहत सरकार द्वारा सीधे कीमत तय करने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब निर्माता कंपनियां अपने उत्पादों की अल्कोहल मात्रा और बाजार की स्थिति के अनुसार निर्धारित मूल्य श्रेणियों (प्राइस स्लैब) के भीतर MRP तय कर सकेंगी।
संशोधित MRP केवल उन शराब और बीयर उत्पादों पर लागू होगी, जिनका निर्माण 11 मई 2026 या उसके बाद हुआ है। 16 मई 2026 को आबकारी आयुक्त कार्यालय ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को पत्र लिखकर निर्देश दिया कि प्रमुख कन्नड़ और अंग्रेजी समाचार पत्रों में लोकप्रिय शराब और बीयर ब्रांडों की नई MRP सूची, उनके आकार और कीमत सहित प्रकाशित की जाए।
सरकार का कहना है कि यह नई व्यवस्था उत्पादकों को बाजार आधारित मूल्य निर्धारण की अधिक स्वतंत्रता देगी, जबकि उपभोक्ताओं के लिए कीमतों को अधिक तर्कसंगत और पारदर्शी बनाएगी। कर्नाटक का यह कदम भारतीय शराब उद्योग में मूल्य निर्धारण व्यवस्था के उदारीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है।