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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया और कहा कि राज्य में अलग-अलग क्षेत्रों में इस तकनीक के इस्तेमाल की संभावनाएं हैं। यादव ने इस केंद्र के उद्घाटन समारोह में कहा कि ड्रोन तकनीक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे प्रिय विषयों में से एक है और उनके नेतृत्व में देश इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

प्रधानमंत्री ने भारत को 2030 तक ड्रोन तकनीक का वैश्विक केंद्र बनाने की परिकल्पना पेश की है और इसके मद्देनजर मध्य प्रदेश इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, "फ्लाइंग क्लब ड्रोन प्रशिक्षण संस्थान शुरू कर रहा है। मैं मिलिंद महाजन और उनके सहयोगियों को बधाई देना चाहता हूं। मध्य प्रदेश 2030 तक भारत को ड्रोन तकनीक का वैश्विक केंद्र बनाने के मोदी के सपने को पूरा करने के लिए आगे बढ़ रहा है। हम सभी क्षेत्रों में ड्रोन लाने के लिए काम कर रहे हैं। मैं सभी को बधाई देता हूं।"

यादव ने ड्रोन तकनीक को संभावनाओं से भरा विषय बताते हुए कहा कि फिलहाल कृषि क्षेत्र में कीटनाशकों और खाद के छिड़काव में ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन आने वाले वक्त में अलग-अलग क्षेत्रों में इसका उपयोग बढ़ेगा।उन्होंने कहा कि उज्जैन में 2028 के दौरान लगने वाले सिंहस्थ जैसे धार्मिक मेलों में भीड़ के प्रबंधन और जनता को यातायात जाम से मुक्ति दिलाने में भी ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है।

शहर में ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब और परमार्थिक संस्था "कस्तूरबा ग्राम" ने मिलकर की है। यादव ने इस केंद्र के संचालकों से कहा कि वे राज्य के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के साथ बैठक करके इस विषय में अपनी विस्तृत योजना पेश करे कि राज्य भर में ड्रोन तकनीक का प्रशिक्षण किस तरह दिया जा सकता है।

मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब के मानद सचिव मिलिंद महाजन ने कहा, "हमारे पास दो ड्रोन और तीन प्रशिक्षक हैं और हम हर महीने 40 छात्रों को ले जा सकते हैं। यदि राज्य सरकार छात्रवृत्ति और अनुदान की व्यवस्था करती है, तो और भी जगहों पर ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र बनाए जाएंगे।"