उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को सोमवार को लखनऊ में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अजय राय सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित ऐतिहासिक मस्जिद को गिराए जाने के विरोध में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे। हिरासत में लिए जाने से पहले अजय राय ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कार्रवाई को जबरन और अन्यायपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने वालों को जबरन गिरफ्तार कर रही है। कांग्रेस कार्यकर्ता इस तरह की कार्रवाई के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे।
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को शनिवार तड़के कोर्ट के आदेश के बाद गिराया गया था। इससे पहले रविवार को अजय राय ने कहा था कि कांग्रेस का तथ्य-जांच दल 7 सितंबर को सहारनपुर पहुंचेगा और अधिकारियों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी लेगा। अजय राय ने कहा था कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उनके मुताबिक, मस्जिद करीब 100 साल पुरानी बताई जाती थी और कलेक्ट्रेट परिसर के निर्माण से पहले से वहां मौजूद थी।
वहीं, लखनऊ ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने भी सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को गिराए जाने की निंदा की। हालांकि, अधिकारियों ने इसे अवैध निर्माण बताया है। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने मस्जिद कमेटी की अपील खारिज करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट के पहले के आदेश को बरकरार रखा था। इससे पहले 17 जुलाई को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने कथित अतिक्रमण और सरकारी जमीन के दुरुपयोग के मामले में करीब 6.41 करोड़ रुपये के मुआवजे का आदेश देते हुए ढांचे को गिराने का निर्देश दिया था।
सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह ने कहा कि मस्जिद को कोर्ट के आदेश और कानूनी प्रक्रिया के तहत गिराया गया। उन्होंने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त PAC और RAF जवानों की तैनाती की गई है। साथ ही, अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है।