मकर संक्रांति के साथ सूर्य का उत्तरायण शुरू हो जाता है। इस मौके के लिए गुजरात के अहमदाबाद में पारंपरिक मिठाइयों की मांग बढ़ रही है। बाजारों में गुड़ और मेवों से बनी चिक्की और आटे, घी और चीनी से बनी लड्डू जैसी लोकप्रिय मिठाईयों के लिए खरीदार उमड़ रहे हैं।
शहर के तमाम मिठाई दुकानों में इन मिठाईयों की भरमार है। साथ ही इनके खरीदारों की भीड़ लग रही है। मांग पूरी करने के लिए मिठाईयां बनाने वाले रोजाना 300 से 400 किलोग्राम चिक्की और लड्डू बना रहे हैं।
इस साल बाजार में अदरक-मसालेदार मूंगफली चिक्की और ड्राई फ्रूट वैरिएंट जैसी नई पेशकश हैं। खजूर बिस्किट जैसी प्रीमियम मिठाईयां भी उपलब्ध हैं। मिठाई का मौसम अमूमन दिवाली से महाशिवरात्री तक होता है। मकर संक्रांति आने के साथ मिठाईयों की बिक्री और तेज हो जाती है।
मिठाई उद्योग की पहुंच स्थानीय बाजारों से बाहर भी है। कुछ मिठाई बनाने वाले प्रवासी भारतीयों की मांग पूरी करने के लिए निर्यात भी करते हैं। अहमदाबाद में पारंपरिक मिठाईयां बनाने का उद्योग न सिर्फ शहर की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करता है, बल्कि मौसमी रोजगार भी उपलब्ध कराता है। इसके अलावा त्योहार के मौसम में स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।