West Bengal: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ उनकी पार्टी का रुख इंडिया गठबंधन के साथ मेल खाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रक्रिया केवल दो या तीन महीनों में पूरी नहीं हो सकती।
बनर्जी ने ये भी सुझाव दिया कि आधार और मतदाता फोटो पहचान पत्र (एपिक) दोनों को औपचारिक रूप से एसआईआर प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने कहा, "हम एसआईआर के खिलाफ हैं। हमारी पार्टी का रुख इंडिया गठबंधन के रुख जैसा है। ये दो या तीन महीनों में पूरा नहीं हो सकता।"
राज्य के उत्तरी हिस्से के प्रशासनिक दौरे पर रवाना होने से पहले कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से उन्होंने कहा, "मतदाता कार्ड (एपिक) एक पहचान पत्र है। आधार कार्ड शामिल होने का मतलब है कि ये सभी के पास है। और जिसके पास नहीं है, वो इसे बनवा लेगा। मुझे लगता है कि एपिक कार्ड को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए।" बनर्जी की ये टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट द्वारा बिहार में एसआईआर प्रक्रिया में मतदाताओं के पहचान प्रमाण के रूप में आधार कार्ड को "अनिवार्य" रूप से शामिल करने के निर्देश के एक दिन बाद आई है।
चुनाव आयोग ने बिहार में एसआईआर प्रक्रिया शुरू की है, जिसका मकसद इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले अपात्र नामों को हटाना और केवल पात्र नागरिकों को ही मतदाता सूची में शामिल करना है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले साल पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनावों से पहले भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी।