US Iran Ceasefire: ईरान-अमेरिका के बीच युद्धविराम की घोषणा के कुछ ही दिनों बाद तनाव फिर शुरू हो गया है। दोनों पक्षों के बीच गहरा अविश्वास और अनसुलझे मुद्दों से जंग के बादल फिर मंडरा रहे हैं। इस तनाव की जड़ में ईरान का परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और यूरेनियम से जुड़े जरूरी सवाल कायम हैं, जिनके अगले दौर की बातचीत में हावी रहने की उम्मीद है।
युद्धविराम की शर्तों को लेकर भी भ्रम की स्थिति बढ़ती जा रही है, खासकर ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव को लेकर।इस प्रस्ताव को शुरू में वाशिंगटन ने खारिज कर दिया था लेकिन अब संभावना है कि ये वार्ता की रूपरेखा तय करेगा। तनाव के बीच अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं, जहां पाकिस्तान ने सुरक्षा बढ़ा दी है। इस अहम बैठक से पहले राजधानी इस्लामाबाद को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
जमीनी स्तर पर हो रहे घटनाक्रम अनिश्चितता को और बढ़ा रहे हैं, जिसमें लेबनान में इजराइल की ओर से किए गए नए हमले भी शामिल हैं, जिन्हें ईरान युद्धविराम की भावना का उल्लंघन बता रहा है। इतनी चीजें दांव पर लगे होने के कारण शुक्रवार को इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता ये तय कर सकती है कि ये युद्धविराम कायम रहेगा या टूटेगा।