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कटिहार में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, पुराने मोबाइल से डेटा निकालकर विदेशों में बेचने का आरोप

उत्तर प्रदेश पुलिस और बिहार स्पेशल टास्क फोर्स ने एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में कटिहार के लेलाला चौक पर छापा मारा और एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी इस्तार आलम को गिरफ्तार किया गया, जो कथित तौर पर कबाड़ और प्लास्टिक के सामान के कारोबार की आड़ में एक गुप्त नेटवर्क चला रहा था।

ये जांच तब शुरू हुई जब मिर्जापुर पुलिस ने एक ट्रक को रोका, जिसमें करीब एक करोड़ रुपये कीमत के 11,600 से ज्यादा पुराने मोबाइल फोन ले जाए जा रहे थे। जांच में पता चला कि इन फोनों को तोड़कर उनके मदरबोर्ड निकाले जा रहे थे, जिनमें यूजर्स का संवेदनशील डेटा मौजूद था। आरोप है कि इस डेटा को बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के लिए विदेशों में मौजूद साइबर अपराधी गिरोहों को बेचा जा रहा था।

अधिकारियों ने बताया कि कटिहार एक बड़े केंद्र के तौर पर उभरा है, जहां हजारों बेकार पड़े फोन को अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में भेजने से पहले प्रोसेस किया जाता था। अधिकारियों का मानना ​​है कि ये रैकेट कई राज्यों तक फैला हुआ है और इसके तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े हैं। कटिहार के एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि इस मामले में साइबर अपराध से जुड़े गंभीर पहलू शामिल हैं और आगे की जांच जारी है। स्थानीय लोगों ने हैरानी जताते हुए कहा कि आरोपी एक साधारण व्यापारी जैसा लगता था और उस पर ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल होने का कोई शक नहीं था।