हिमालय में सबसे ऊंचाई व चन्द्र शिला की तलहटी में विराजमान तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट बन्द होने तथा चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में विराजमान होने के बाद मन्दिर समिति द्वारा तुंगनाथ धाम की सुरक्षा व स्वच्छता की दृष्टि से मन्दिर परिसर, अतिथि गृह व अधिकारियों कर्मचारी आवासों के सीमाओं की घेर बाड़ की गई है। अब शीतकाल में चन्द्र शिला जाने वाले पर्यटक, सैलानी व प्रकृति प्रेमी मन्दिर परिसर में प्रवेश नहीं कर पाएगें तथा मन्दिर समिति द्वारा शीतकाल में पर्यटकों, सैलानियों व प्रकृति प्रेमियों के लिए मन्दिर परिसर में प्रवेश करने पर पाबन्दी लगा दी गई है। जानकारी देते हुए तुंगनाथ प्रबन्धक बलवीर नेगी ने बताया कि तुंगनाथ धाम की सुरक्षा व स्वच्छता की दृष्टिगत शीतकाल में तुंगनाथ मन्दिर परिसर में आवागमन पर रोक लगाई गई है।
शीतकाल में तुंगनाथ मंदिर में प्रवेश पर रोक
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