जी हां, ज्यादा धूप में रहने से स्किन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। सूरज की रोशनी में मौजूद यूवी (UV) किरणें आपकी त्वचा के लिए हानिकारक हो सकती हैं, और लंबे समय तक बिना सुरक्षा के धूप में रहना स्किन कैंसर का कारण बन सकता है। आइए जानते हैं कैसे सूर्य की हानिकारक किरणें त्वचा को प्रभावित करती हैं और इस से बचाव के उपाय क्या हैं।
सूरज की UV किरणें और स्किन कैंसर
सूरज की रौशनी में मुख्य रूप से दो प्रकार की यूवी किरणें होती हैं:
यूवीए (UVA) – ये किरणें त्वचा की गहरी परतों में प्रवेश करती हैं और त्वचा की उम्र बढ़ने, झुर्रियां और रंग में बदलाव का कारण बन सकती हैं। ये लंबे समय तक त्वचा पर प्रभाव डालती हैं और स्किन कैंसर के खतरे को बढ़ाती हैं।
यूवीबी (UVB) – ये किरणें त्वचा की ऊपरी परत में प्रवेश करती हैं और सनबर्न (सूरज से जलना) का कारण बनती हैं। यह भी स्किन कैंसर, जैसे बेसल सेल कार्सिनोमा और स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा, के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
जब आप बिना सनस्क्रीन के लंबे समय तक सूरज की किरणों के संपर्क में आते हैं, तो यह त्वचा में डीएनए क्षति का कारण बनता है। यह क्षति धीरे-धीरे स्किन कैंसर के विकास में बदल सकती है। विशेष रूप से मलिग्नेंट मेलानोमा (स्किन कैंसर का एक गंभीर रूप) अधिक जोखिम में होता है, जो त्वचा के मेलानोसाइट्स (पिगमेंट सेल्स) में उत्पन्न होता है।
स्किन कैंसर के प्रमुख कारण
लंबे समय तक धूप में रहना – लगातार और अधिक समय तक सूरज की रौशनी के संपर्क में आना, खासकर जब सूरज अपनी चरम पर हो (10 AM से 4 PM के बीच)।
सनबर्न होना – एक या एक से अधिक बार गंभीर सनबर्न का अनुभव होने से स्किन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
UV किरणों का अवशोषण – सूरज की किरणें त्वचा में गहरी प्रवेश कर सकती हैं और समय के साथ कोशिकाओं की डीएनए को क्षति पहुँचाती हैं, जिससे कैंसर विकसित हो सकता है।
फेयर स्किन और ज्यादा मोलस्किन – जिनकी त्वचा हल्की होती है या जिनके पास ज्यादा तिल (मोल) होते हैं, उन्हें स्किन कैंसर का खतरा ज्यादा होता है।
स्किन कैंसर के लक्षण
त्वचा पर नया दाग या तिल बनना।
किसी पुराने तिल या दाग का आकार बदलना, आकार बढ़ना या रंग बदलना।
रक्तस्राव, खुजली या दर्द होना।
त्वचा में गहरे घाव या अल्सर का बनना।
स्किन कैंसर से बचाव के उपाय
सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें – सूरज की रौशनी में जाने से पहले हमेशा SPF 30 या उससे ज्यादा वाला सनस्क्रीन लगाएं। यह सूरज की हानिकारक UV किरणों से आपकी त्वचा की सुरक्षा करेगा।
धूप से बचें – सूरज की तेज रौशनी में 10 AM से 4 PM के बीच बाहर जाने से बचें, जब यूवी किरणें सबसे ज्यादा होती हैं।
सुरक्षात्मक कपड़े पहनें – हल्के, ढीले और रेशमी कपड़े पहनें, जो सूर्य की रौशनी से बचाव करते हैं। साथ ही, हेडगियर (टोपी) और धूप के चश्मे का उपयोग करें।
सुरक्षा के उपायों का पालन करें – जब भी धूप में निकलें, सनस्क्रीन, धूप का चश्मा और उपयुक्त कपड़े पहनें।
रेगुलर त्वचा जांच कराएं – स्किन कैंसर के शुरुआती लक्षणों की पहचान के लिए त्वचा की नियमित जांच कराना बहुत जरूरी है। अगर त्वचा पर कोई असामान्य दाग या तिल दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
ज्यादा धूप में रहना और सूरज की हानिकारक यूवी किरणों के संपर्क में आना स्किन कैंसर का एक प्रमुख कारण हो सकता है। इससे बचने के लिए सनस्क्रीन का उपयोग, सुरक्षा उपायों का पालन, और त्वचा की नियमित जांच जरूरी है। यदि आप इन उपायों को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं, तो आप स्किन कैंसर के खतरे से बच सकते हैं और अपनी त्वचा को सुरक्षित रख सकते हैं।