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अमूर नदी को क्यों कहते हैं दुनिया का सबसे मजबूत फ्रंटियर

 ‘रूस और चीन के बीच: अमूर नदी और चीन की एवर एक्सटेंडिंग बॉर्डर्स’ था. इस सत्र में दो विदेशी पैनलिस्ट थे. ब्रिटिश इतिहासकार और लेखक पीटर फ्रैंकोपैन ने रूस और चीन के बीच: अमूर नदी’ (The Amur River: Between Russia and China) के ऑथर कॉलिन थुब्रोन से बातचीत की. कॉलिन थुब्रोन एक बिट्रिश ट्रैवल राइटर हैं. उनकी उम्र 80 साल है.

अमूर नदी दुनिया का मजबूत फ्रंटियर

थुब्रोन से जब उनकी किताब ‘रूस और चीन के बीच: अमूर नदी’ के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जो कहा वो हैरान करने वाला था. उन्होंने कहा कि अमूर नदी को दुनिया का सबसे घना व मजबूत फ्रंटियर कहा जाता है. अमूर नदी लगभग अज्ञात है फिर भी यह दुनिया की दसवीं सबसे लंबी नदी है, जो मंगोलियाई पहाड़ों से निकलती है और साइबेरिया से होते हुए प्रशांत महासागर तक बहती है.

थुब्रोन ने कहा कि 1100 मील तक यह रूस और चीन के बीच की सीमा को तनावपूर्ण बनाती है. यह पृथ्वी पर सबसे घनी किलेबंद सीमा है. लेकिन आश्चर्य की बात है कि पश्चिम में अब तक इस महान नदी के बारे में लगभग कुछ भी नहीं लिखा गया है. पीटर से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इस किताब में उन सब बातों का जिक्र है, जिसे अब तक छुपाकर रखा गया था.