मालदीव पहले भारत से संबंध बिगाड़ा और अब उसे ठीक करने में जुटा है. उसे पता है कि उसकी अर्थव्यवस्था भारत के बिना नहीं चल सकती. भारत के लोग बड़ी संख्या में मालदीव जाते हैं. लेकिन इस साल के पहले चार महीनों में इसमें गिरावट आई है, जो 42 प्रतिशत है. ये घाटा सहने के बाद मालदीव की अकड़ कम हुई है और वह भारत से संबंध सुधारने के लिए एक-एक कर कई कदम उठा रहा है.