अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और छह सप्ताह से जारी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक और बड़ी कूटनीतिक सफलता की उम्मीद जागी है। दोनों देश युद्धविराम की समय सीमा समाप्त होने से पहले आमने-सामने की बातचीत के दूसरे दौर के लिए तैयार हो सकते हैं। अमेरिकी वाशिंगटन और तेहरान एक नए दौर की वार्ता पर विचार कर रहे हैं। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य अगले सप्ताह युद्धविराम (Ceasefire) की अवधि समाप्त होने से पहले एक स्थायी समझौते पर पहुंचना है।
यह अभी स्पष्ट नहीं है कि दूसरी बार हो रही इस बातचीत में किस स्तर के प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे। वार्ता के संभावित स्थान को लेकर भी चर्चा जारी है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद एक बार फिर मेजबान के रूप में उभर रही है। इसके अलावा स्विट्जरलैंड का जिनेवा भी एक विकल्प के तौर पर सामने आया है। हालांकि, अभी तक स्थान और समय को लेकर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन यह संभावना जताई जा रही है कि बातचीत गुरुवार तक आयोजित हो सकती है।
यदि यह वार्ता सफल होती है, तो यह न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देगी, बल्कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। अब सभी की नजरें इस संभावित बैठक पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति की दिशा तय कर सकती है।
वहीं सोमवार, 13 अप्रैल को रूस के विदेश मंत्री एस.वी. लावरोव ने ईरान के विदेश मंत्री ए. अराघची से फोन पर बात की। इस बातचीत में । रूसी विदेश मंत्रालय के प्रमुख लावरोव ने कहा कि युद्ध दोबारा न हो, यह बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी दोहराया कि रूस इस संकट को सुलझाने में मदद करने के लिए पूरी तरह तैयार है।