अमेरिकी राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व की गवर्नर लिसा कुक को उनके पद से हटाने का फैसला लिया. यह घोषणा ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' के माध्यम से की. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया कि कुक को तत्काल प्रभाव से फेडरल रिजर्व के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से हटा दिया गया है. लिसा कुक को साल 2022 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने नियुक्त किया था. वह पहली अश्वेत महिला थीं जिन्हें इस प्रमुख आर्थिक संस्था के बोर्ड में शामिल किया गया था.
लिसा कुक के हटाए जाने को न केवल आर्थिक नीतियों बल्कि प्रशासनिक प्राथमिकताओं में बदलाव के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है. ट्रंप प्रशासन का यह कदम फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर नई बहस को जन्म दे सकता है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका मुद्रास्फीति और आर्थिक मंदी जैसे मुद्दों से जूझ रहा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व की गवर्नर लिसा कुक को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है. यह कदम उस समय उठाया गया जब कुक पर मॉर्गेज फ्रॉड (होमलोन में धोखाधड़ी) के गंभीर आरोप सामने आए. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस बर्खास्तगी की घोषणा करते हुए कहा कि यह कार्रवाई आवश्यक थी. लिसा कुक को 2022 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने फेडरल रिजर्व के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में नियुक्त किया था. वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली अश्वेत महिला थीं
कुक पर लगे आरोपों का केंद्र जून 2021 में मिशिगन में की गई एक प्रॉपर्टी खरीद से जुड़ा है. फेडरल हाउसिंग फाइनेंस एजेंसी (FHFA) के डायरेक्टर बिल पुल्टे ने आरोप लगाया है कि कुक ने 15 साल के मॉर्गेज एग्रीमेंट में उस प्रॉपर्टी को अपना मुख्य निवास दर्शाया, जबकि वह कथित तौर पर वहां वास्तव में निवास नहीं कर रही थीं. यह मॉर्गेज नियमों के संभावित उल्लंघन के अंतर्गत आता है. बिल पुल्टे, जो ट्रंप समर्थक माने जाते हैं और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के आलोचक भी हैं, ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, जिससे ट्रंप प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा. यह घटनाक्रम अमेरिका की आर्थिक संस्थाओं में राजनीतिक हस्तक्षेप और पारदर्शिता के मुद्दों पर नई बहस को जन्म दे सकता है.