सौराष्ट्र-कच्छ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष नलिन जावेरी ने रविवार को कहा कि दो भारतीय झंडे वाले एलपीजी (LPG) टैंकरों के आने से स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह उनके प्रयासों से संभव हो पाया है। जावेरी ने कहा कि देश में यह माहौल बन गया था कि गैस की कमी हो सकती है, लेकिन इन जहाजों के आने से हालात सामान्य हो जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की वैश्विक छवि पहले से ही मजबूत है और इस घटना से वह और मजबूत हो रही है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री मोदी हमेशा भाईचारा बनाए रखने की कोशिश करते हैं। इन जहाजों के बाद और जहाज भी आएंगे और स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
यह बयान उस समय आया जब ईरान ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच भारत के दो जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी। इनमें से एक जहाज ‘शिवालिक’ है, जो एलपीजी लेकर आ रहा है। जहाजों की ट्रैकिंग वेबसाइट के अनुसार यह फिलहाल ओमान की खाड़ी में था और इसके 21 मार्च तक अपने गंतव्य तक पहुंचने की उम्मीद है।
शुक्रवार को पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय ने फारस की खाड़ी क्षेत्र की समुद्री स्थिति और भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार इस समय फारस की खाड़ी में 24 भारतीय जहाज काम कर रहे हैं, जिन पर 668 भारतीय नाविक मौजूद हैं। वहीं होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में तीन जहाजों पर 76 भारतीय नाविक अभी भी मौजूद हैं। पश्चिम एशिया में मौजूदा संघर्ष 28 फरवरी से शुरू हुआ, जिसमें एक तरफ इज़राइल और अमेरिका हैं और दूसरी तरफ ईरान है।
यह संघर्ष उस समय और बढ़ गया जब ईरान के 86 वर्षीय सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त सैन्य हमले में हत्या कर दी गई। इसके जवाब में ईरान ने कई खाड़ी देशों और इज़राइल में अमेरिका और इज़राइल से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे समुद्री रास्तों में बाधा आई और वैश्विक ऊर्जा बाजार और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा। इस संघर्ष की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया में ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक बेहद अहम समुद्री रास्ता है, कुछ समय के लिए लगभग बंद जैसी स्थिति में आ गया है।