अफगानिस्तान में रविवार को 4.3 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी जानकारी राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने दी। एनसीएस के अनुसार यह भूकंप दोपहर 12:07 बजे (IST) आया और इसकी गहराई 155 किलोमीटर थी। एनसीएस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया, “भूकंप की तीव्रता 4.3, समय 15 मार्च 2026, 12:07:17 IST, अक्षांश 36.38 उत्तर, देशांतर 71.07 पूर्व, गहराई 155 किमी, स्थान: अफगानिस्तान।” इससे पहले शनिवार को भी अफगानिस्तान में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसकी गहराई 105 किलोमीटर दर्ज की गई थी।
वैज्ञानिकों के अनुसार भूकंप पृथ्वी की सतह से लगभग 700 किलोमीटर तक की गहराई में आ सकते हैं। इन्हें तीन श्रेणियों में बांटा जाता है—
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उथले भूकंप (0–70 किमी)
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मध्यम गहराई के भूकंप (70–300 किमी)
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गहरे भूकंप (300–700 किमी)
आमतौर पर उथले भूकंप ज्यादा खतरनाक माने जाते हैं, क्योंकि उनकी तरंगें सतह तक जल्दी पहुंचती हैं और जमीन पर ज्यादा कंपन पैदा करती हैं।अफगानिस्तान में अक्सर भूकंप आते रहते हैं, खासकर हिंदू कुश क्षेत्र में, जो भूकंपीय दृष्टि से अत्यधिक सक्रिय क्षेत्र है। इसका मुख्य कारण भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव वाले क्षेत्र में स्थित होना है। संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (UNOCHA) के अनुसार अफगानिस्तान भूकंप, भूस्खलन और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बेहद संवेदनशील है। लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष और सीमित विकास के कारण यहां की आबादी ऐसी आपदाओं से निपटने में कमजोर स्थिति में है।