घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगभग सपाट बंद हुए। हालांकि, हालिया गिरावट के बाद निवेशकों की ओर से निचले स्तर पर खरीदारी से बाजार को कुछ सहारा मिला। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स 53 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,270.60 पर बंद हुआ। वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 21.86 अंक यानी 0.03 प्रतिशत गिरकर 74,314.59 पर बंद हुआ।
Geojit Investments के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी और बॉन्ड यील्ड में नरमी से वैश्विक शेयर बाजारों को कुछ समय के लिए सहारा मिला। इससे महंगाई में धीरे-धीरे कमी आने की उम्मीद भी मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा, लेकिन हालिया गिरावट के बाद निचले स्तर पर खरीदारी से बाजार को समर्थन मिला।
NSE के ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई।
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निफ्टी ऑटो: 1.17 प्रतिशत बढ़ा
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निफ्टी मीडिया: 1.27 प्रतिशत बढ़ा
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निफ्टी मेटल: 0.99 प्रतिशत बढ़ा
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निफ्टी फार्मा: 1.70 प्रतिशत बढ़ा
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निफ्टी FMCG: 0.14 प्रतिशत बढ़ा
निफ्टी 50 के शेयरों में HDFC Life, TMPV, SBI Life, Dr Reddy's और IndiGo प्रमुख बढ़त वाले शेयर रहे। वहीं, ONGC, Titan, Coal India, Bajaj Auto, HCLTech और HDFC Bank में गिरावट रही। निवेशकों की नजर अब भी कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है। पिछले सप्ताह के मुकाबले कीमतों में कुछ नरमी आई है, लेकिन वे अब भी ऊंचे स्तर पर हैं। रिपोर्ट लिखे जाने के समय ब्रेंट क्रूड करीब 104 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
Vridhi Investment के CEO विवेक करव ने कहा कि फिलहाल बाजार एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है और कच्चे तेल की कीमतें बाजार में तेज रिकवरी को रोक रही हैं। उन्होंने बताया कि जब पहले कच्चे तेल की कीमत 115 से 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची थी, तब बाजार पर तेज असर पड़ा था। लेकिन इस बार कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहने के बावजूद बाजार की प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत सीमित रही है।
करव के मुताबिक, इसका एक कारण कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजे भी हैं। निफ्टी की कमाई में करीब 9 प्रतिशत की बढ़त हुई है। वहीं, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को छोड़कर निफ्टी की कमाई में लगभग 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि मिडकैप कंपनियों की कमाई में करीब 25 से 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि स्मॉलकैप कंपनियों के नतीजे भी मजबूत रहे हैं।
करव ने कहा कि बाजार में तेजी के लिए जरूरी सभी आधार मौजूद हैं, लेकिन कच्चे तेल की वजह से बाजार को आगे बढ़ने का ट्रिगर नहीं मिल रहा है। उनके अनुसार, अगर कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आती है, तो इससे बाजार में तेजी को बढ़ावा मिल सकता है। अन्य एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 63,890 पर लगभग सपाट बंद हुआ। हांगकांग का हैंग सेंग 0.58 प्रतिशत गिरकर 24,571 पर आ गया। दक्षिण कोरिया का KOSPI भी 6,715 पर लगभग सपाट बंद हुआ।
वहीं, ताइवान का वेटेड इंडेक्स 0.95 प्रतिशत बढ़कर 46,288 और सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 0.45 प्रतिशत बढ़कर 5,660 पर बंद हुआ। इस बीच, कीमती धातुओं पर भी दबाव देखने को मिला। रिपोर्ट लिखे जाने के समय चांदी की कीमत 0.61 प्रतिशत गिरकर 2,33,363 रुपये प्रति किलोग्राम रही। वहीं, 24 कैरेट सोने की कीमत 0.71 प्रतिशत गिरकर 1,51,380 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई।