सिक्किम में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। गंगटोक के ताडोंग स्थित लिंगडिंग में गुरुवार रात करीब 12:30 बजे लैंडस्लाइड हुआ। इससे एक घर को आंशिक नुकसान पहुंचा और इलाके की सड़क आवाजाही प्रभावित हुई। घटना में किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है।
भूस्खलन के कारण जेएन भट्टराई के घर को आंशिक नुकसान पहुंचा। घर की पहली मंजिल के कमरों में पानी और मलबा घुस गया। इसके अलावा, इलाके में पानी की सप्लाई करने वाली तीन प्रमुख पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे स्थानीय जलापूर्ति प्रभावित हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, लिंगडिंग झोरा के पास सड़क सुबह करीब 3 बजे से 9 बजे तक पूरी तरह बंद रही। इससे स्थानीय निवासियों और आसपास के लोगों को परेशानी हुई। बाद में सड़क से मलबा हटाकर आवाजाही बहाल कर दी गई।
16 सितंबर की रात हुई भारी बारिश के बाद सिक्किम के कई हिस्सों में भूस्खलन से जुड़ी परेशानियां सामने आईं। गंगटोक की घटना में किसी अन्य घर या वाहन को नुकसान नहीं पहुंचा। प्रशासन और स्थानीय लोग इलाके की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इस बीच, सिक्किम के ग्यालशिंग जिले के रिंबी में ताजा भूस्खलन और भारी बारिश के बाद संवेदनशील इलाकों से 28 घरों के 128 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। यह जानकारी सिक्किम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (SSDMA) ने दी।
जिला प्रशासन और संबंधित विभाग सिंगलीटाम और रिंबी में राहत एवं बहाली का काम कर रहे हैं। इन इलाकों में 12 सितंबर को भी भूस्खलन की घटनाएं सामने आई थीं। सिंगलीटाम वार्ड में सात प्रभावित परिवारों के लिए राहत केंद्र संचालित किया जा रहा है। यहां 33 से अधिक लोग, जिनमें बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल हैं, रह रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से उन्हें भोजन और जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
14 सितंबर को भारी बारिश और बाढ़ के बाद रिंबी के संवेदनशील इलाकों का दोबारा आकलन किया गया। इसके बाद 28 घरों के 128 लोगों को एहतियात के तौर पर वहां से निकालकर रिंबी ग्राम पंचायत केंद्र में स्थानांतरित किया गया। रोड्स एंड ब्रिजेज विभाग प्रभावित इलाकों में मलबा हटाने और सड़कों की मरम्मत का काम चौबीसों घंटे कर रहा है। SSDMA के अनुसार, निक खोलसा जलधारा के किनारे भूस्खलन का मलबा जमा हो गया है। बारिश के दौरान मलबे के साथ पानी नीचे की ओर बहकर रिंबी गांव तक पहुंच रहा है, जिससे जलधारा के किनारे बने घर प्रभावित हो रहे हैं।
रिंबी का RCC पुल पानी और मलबे के तेज बहाव के कारण पहले ही बह चुका है। इसके अलावा, मुख्य रिंबी नदी का रास्ता भी बदल गया है, जिससे सड़क के किनारे का हिस्सा प्रभावित हो रहा है। कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए राज्य सरकार ऊंचाई वाले स्थान पर बेली ब्रिज बनाने की तैयारी कर रही है। मुख्य सड़क बह जाने के बाद इस पुल के जरिए आवाजाही बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान सक्रिय भूस्खलन वाले क्षेत्रों, मलबा जमा होने वाले स्थानों और नदी-नालों के पास जाने से बचने की अपील की है। प्रभावित इलाकों में निगरानी के लिए लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, प्रभावित परिवारों को राहत सहायता भी उपलब्ध कराई गई है।