खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (UPFSDA) की आयुक्त रोशन जैकब ने कहा कि न्यूट्रास्यूटिकल उद्योग में नियामकीय निगरानी को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खाद्य और औषधि के बीच आने वाले इस क्षेत्र में लाइसेंस के दुरुपयोग और प्रतिबंधित पदार्थों के इस्तेमाल की संभावनाओं को देखते हुए विभाग विस्तृत अनुपालन व्यवस्था तैयार कर रहा है।
रोशन जैकब ने कहा कि कुछ मामलों में हेल्थ सप्लीमेंट के नाम पर ऐसे उत्पादों के इस्तेमाल की आशंका सामने आती है, जिनमें बिना परीक्षण वाले स्टेरॉयड और हार्मोन जैसे प्रतिबंधित पदार्थ हो सकते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की गुणवत्ता, निर्धारित मात्रा और सुरक्षा मानकों के पालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि न्यूट्रास्यूटिकल इकाइयों के निरीक्षण और अनुपालन व्यवस्था को मानकीकृत किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में उपलब्ध हेल्थ सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल उत्पाद निर्धारित मानकों के अनुरूप हों और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं पारदर्शी उत्पाद मिल सकें। आयुक्त ने कहा कि विभाग न्यूट्रास्यूटिकल क्षेत्र में नियमों के पालन की निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। साथ ही कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर ध्यान दिया जाएगा।