पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की 144-फलता विधानसभा सीट के सभी 285 मतदान केंद्रों पर गुरुवार सुबह से पुनर्मतदान जारी है। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ, जो शाम 6 बजे तक चलेगा। वोटों की गिनती 24 मई को की जाएगी। फलता विधानसभा क्षेत्र में यह पुनर्मतदान पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान मतदान में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद कराया जा रहा है। राज्य में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान हुआ था।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने फलता सीट के सभी मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया था। वहीं, पश्चिम मग्राहाट और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्रों के 15 बूथों पर भी पुनर्मतदान कराया गया। चुनाव आयोग के मुताबिक, 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान बड़ी संख्या में बूथों पर गंभीर चुनावी अपराध और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की घटनाएं सामने आई थीं। इसी को देखते हुए फलता में दोबारा मतदान का फैसला लिया गया।
इसी बीच मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने फलता विधानसभा सीट पर पुनर्निर्वाचन से अपना नाम वापस लेने की घोषणा की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, “मैं फलता की मिट्टी का बेटा हूं। मैं चाहता हूं कि फलता शांतिपूर्ण, स्वस्थ और बेहतर बना रहे। मेरा सपना ‘गोल्डन फलता’ का है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी फलता के विकास के लिए विशेष पैकेज दे रही हैं। इसी कारण मैं 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान की चुनावी दौड़ से खुद को अलग कर रहा हूं।”
जब उनसे पूछा गया कि यह उनका व्यक्तिगत फैसला है या पार्टी का दबाव, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने फलता के लोगों, विकास और शांति बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया है। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने साफ किया कि जहांगीर खान का फैसला व्यक्तिगत है और यह निर्णय पार्टी की ओर से नहीं लिया गया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में चुनाव बाद हुई हिंसा के बाद फलता में टीएमसी कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाया जा रहा है।
वहीं, फलता सीट से भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि कई बूथों पर गड़बड़ियां हुईं और मतदाताओं को डराने-धमकाने की घटनाएं सामने आईं। पांडा ने दावा किया था कि भाजपा ने 150 बूथों पर पुनर्मतदान की मांग की थी, जहां भाजपा के चुनाव चिह्न पर सेलोटेप लगाए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बूथों में कैमरों को भी घुमाया गया। पांडा ने कहा कि पुनर्मतदान में भाजपा भारी अंतर से जीत दर्ज करेगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत हासिल की और पहली बार राज्य में सरकार बनाई। सुवेंदु अधिकारी राज्य के मुख्यमंत्री बने।