परीक्षा पे चर्चा’ का 9वां संस्करण बड़े उत्सव की तरह मनाया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस खास पहल का मकसद छात्रों के मन से परीक्षा का डर निकालना और उन्हें तनावमुक्त करना है. हर साल की तरह इस बार भी देशभर के छात्र, माता-पिता और शिक्षक इस कार्यक्रम से जुड़ गए हैं. यह आयोजन बच्चों को सिखाता है कि परीक्षा एक सामान्य प्रक्रिया है, कोई बहुत बड़ा बोझ नहीं. यहां प्रधानमंत्री बच्चों के दोस्त बनकर उनसे बात करते हैं.
परीक्षा पे चर्चा 2026 में इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक शांति भी जरूरी है. पीएम मोदी बच्चों को ‘एग्जाम वॉरियर’ बनने की सलाह देते हैं, जिसका मतलब है कि परीक्षा से डरना नहीं, बल्कि उसका बहादुरी से सामना करना है. पीएम मोदी ने अभी तक परीक्षा पे चर्चा में 5 मंत्र दिए हैं.
पीएम मोदी के टॉप 5 ‘एग्जाम मंत्र’
- परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं.
- प्रतिस्पर्धा खुद से, न कि दूसरों से.
- डिजिटल फास्टिंग: तकनीक का सही उपयोग.
- मुश्किल काम पहले निपटाएं.
- एग्जाम वॉरियर बनें, रट्टू तोता नहीं.
इस दौरान गुजरात की सान्या ने पीएम मोदी से कहा कि पेरेंट्स और टीचर्स हमारी चिंता करते हैं. लेकिन हम लोगों की सोच के पैटर्न में अंतर है. इस पर पीएम मोदी ने कहा कि जीवन भर ऐसा ही रहेगा. मैं पीएम बन गया. फिर भी कोई न कोई बताता है- ऐसे करो, वैसे करो. आप इसे ऐसे समझिए कि घर में हर किसी के खाने का पैटर्न अलग होता है. कोई रोटी से शुरू करेगा, कोई सब्जी से.. आप कॉपी करते हैं क्या? कुछ बच्चे रात में ठीक से पढ़ पाते हैं. कुछ लोगों को लगता है 4 बजे उठकर पढूंगा. रात में मम्मी को कहते हैं सुबह करूंगा. किसी के कहने पर मत जोड़ो, अपने अनुभव पर जोड़ो. परीक्षा पे चर्चा का भी एक पैटर्न था. अलग-अलग राज्यों में किया. मैंने भी बस पैटर्न बदला लेकिन नेचर वही है.
अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझाया और बताया कि कैसे मानसिक शांति परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए जरूरी है. निवेश विशेषज्ञ राधिका गुप्ता और ‘टेक्निकल गुरुजी’ गौरव चौधरी ने भविष्य की तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सही उपयोग पर चर्चा की. मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर, फूड फार्मासिस्ट और शोनाली सभरवाल ने बचपन की खान-पान की यादें ताजा कीं और बताया कि सही पोषण कैसे दिमाग को तेज बनाता है.