दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में किराड़ी विधानसभा क्षेत्र में रेलवे लाइन के साथ करीब 4.5 किलोमीटर लंबी नई ड्रेन बनाने को मंजूरी दी गई। इस परियोजना पर 263.45 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नई ड्रेन बनने से किराड़ी के साथ मुंडका, बवाना और नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्रों की जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी। इसके अलावा 70 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों को भी जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
760 क्यूसेक होगी ड्रेन की क्षमता
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि प्रस्तावित ड्रेन की डिजाइन डिस्चार्ज क्षमता 760 क्यूसेक होगी। करीब 4.5 किलोमीटर लंबी यह ड्रेन मुंडका हॉल्ट स्टेशन से शुरू होकर सप्लीमेंटरी ड्रेन में जाकर मिलेगी।
यह ड्रेन रेलवे लाइन के साथ एक महत्वपूर्ण मुख्य आउटफॉल के रूप में काम करेगी। इससे रेलवे लाइन के आसपास जमा होने वाले बारिश के पानी की निकासी बेहतर होगी और जलभराव को कम करने में मदद मिलेगी।
70 से ज्यादा अनधिकृत कॉलोनियों को फायदा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि किराड़ी क्षेत्र में तेजी से हुए अनियोजित शहरीकरण और भौगोलिक स्थिति के कारण बारिश के दौरान जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। नई ड्रेन बनने के बाद किराड़ी की करीब 70 अनधिकृत कॉलोनियों को बेहतर जल निकासी सुविधा मिलेगी।
मुंडका विधानसभा क्षेत्र में रानीखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र, वेणु एन्क्लेव, रतन पार्क, राजधानी पार्क, जे.जे. क्लस्टर कॉलोनी, राजेंद्र पार्क एक्सटेंशन, राम नगर, कुंवर सिंह नगर और निलोठी गांव जैसे इलाकों को भी लाभ मिलेगा।
वहीं बवाना विधानसभा क्षेत्र के रोहिणी सेक्टर-20, 21 और 22 तथा नांगलोई जाट के जे.जे. क्लस्टर नांगलोई, अध्यापक नगर और शिवराम पार्क सहित कई इलाकों को जलभराव से राहत मिलेगी।
‘लाखों लोगों को मिलेगी राहत’
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन क्षेत्रों के लोग वर्षों से बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या झेल रहे हैं। जलभराव का असर केवल सड़कों पर जमा पानी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के आवागमन, कारोबार, घरों और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ता है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने इस समस्या को प्राथमिकता देते हुए स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाया है। नई ड्रेन से बारिश के पानी की निकासी क्षमता बढ़ेगी और लाखों लोगों को जलभराव से राहत मिलेगी।
‘पिछली सरकारों ने नहीं दिया ध्यान’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने किराड़ी क्षेत्र की जलभराव की समस्या के समाधान पर अपेक्षित गंभीरता से काम नहीं किया। उनकी सरकार ने इस समस्या को प्राथमिकता में रखते हुए ड्रेन परियोजना तैयार की है। उन्होंने कहा कि रेलवे की ओर से भी इस परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल ड्रेन बनाने की परियोजना नहीं है, बल्कि चार विधानसभा क्षेत्रों के लाखों लोगों को बेहतर जल निकासी और सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मजबूत ड्रेनेज नेटवर्क पर सरकार का जोर
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार ऐसी परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रही है, जिनसे आम लोगों को सीधा लाभ मिले और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का स्थायी समाधान हो।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि जलभराव की समस्या का समाधान अस्थायी उपायों से नहीं, बल्कि मजबूत और प्रभावी ड्रेनेज नेटवर्क तैयार करके किया जाए। प्रस्तावित ड्रेन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है।