मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य लखनऊ को भारत की अग्रणी AI Innovation Cities में स्थापित करना है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में लखनऊ में कम से कम 50 विश्वस्तरीय AI स्टार्टअप्स को स्थापित करने, उन्हें मजबूत बनाने और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में सरकार पूरा सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने HCL Tech से भी इस अभियान में भागीदार बनने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री मंगलवार को HCL Tech के लखनऊ कैंपस की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लखनऊ को केवल IT Services का केंद्र नहीं, बल्कि AI, Semiconductor, Cyber Security, Computing Technology और Deep Tech का प्रमुख केंद्र बनाना होगा।
HCL और लखनऊ की साझा यात्रा पर बोले सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि HCL के संस्थापक शिव नाडर ने उत्तर प्रदेश से अपनी यात्रा शुरू की थी और आज HCL की पहचान पूरी दुनिया में है। दस साल पहले लखनऊ में HCL कैंपस की स्थापना ने इस यात्रा को नई पहचान दी।
उन्होंने कहा, “HCL ने लखनऊ को चुना और लखनऊ ने HCL को अपनाया।” दोनों की साझा यात्रा आज उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि HCL के कर्मचारियों की सफलता के पीछे उनके परिवारों का भी योगदान है और लखनऊ की बेटियों की सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन रही है।
‘यूपी की युवा वर्कफोर्स सबसे बड़ी ताकत’
सीएम योगी ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश के युवाओं को बेहतर करियर के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों का रुख करना पड़ता था। अब स्थिति बदल रही है और यूपी के युवा अपने करियर के लिए लखनऊ को चुन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा और प्रतिभाशाली वर्कफोर्स है। HCL के कर्मचारी केवल कंपनी के कर्मचारी नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर भी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हुआ है। बलिया से बिजनौर तक करीब 1,200 किलोमीटर की दूरी अब लगभग 10 घंटे में पूरी की जा सकती है।
IT और Electronics सेक्टर में यूपी की बढ़ती ताकत
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का करीब 55 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हो रहा है। देश में बनने वाले इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट में भी यूपी की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि एक दशक पहले IT और ITES से प्रदेश का निर्यात करीब 12 से 15 हजार करोड़ रुपये था, जो अब एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। सरकार का लक्ष्य अगले चार वर्षों में इसे 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात भी करीब 3,800 करोड़ रुपये से बढ़कर 45,000 करोड़ रुपये हो चुका है। वर्ष 2030 तक इसे दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
नोएडा तक सीमित नहीं रहा IT सेक्टर
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में IT सेक्टर अब केवल नोएडा तक सीमित नहीं है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ और आगरा में IT पार्क संचालित हो रहे हैं। प्रदेश में सात Software Technology Parks कार्यरत हैं, जबकि वाराणसी, बरेली, कानपुर और गोरखपुर में नए IT पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि नई स्टार्टअप नीति के तहत नोएडा और लखनऊ को Deep Tech Hub के रूप में विकसित किया जा रहा है। लखनऊ में देश की पहली AI City और व्यापक AI Ecosystem विकसित करने की दिशा में भी काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
HCL IT City के फेज-2 का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने HCL IT City Lucknow के फेज-2 विस्तार का शुभारंभ किया। करीब 500 करोड़ रुपये के निवेश से 20 एकड़ जमीन पर लगभग 9.5 लाख वर्गफुट का नया क्षेत्र विकसित किया जाएगा।
इसमें नया IT भवन, करीब 5,000 सीटों की क्षमता, मल्टीलेवल कार पार्किंग और कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं होंगी। इस विस्तार से करीब 6,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
1,000 छात्रों को AI की ट्रेनिंग देगा HCL
HCL Tech की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश HCL ग्रुप की कर्मभूमि और घर है। उन्होंने बताया कि HCL स्थानीय कॉलेजों के 1,000 छात्रों के लिए AI प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू कर रहा है। उन्होंने कहा कि HCL IT City के फेज-2 में 500 करोड़ रुपये का निवेश और करीब 6,000 रोजगार के अवसर प्रदेश के युवाओं और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं।
HCL Foundation के काम की सीएम ने की सराहना
मुख्यमंत्री ने HCL Foundation के सामाजिक कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले 10-11 वर्षों में HCL के कार्यक्रम उत्तर प्रदेश में 50 लाख से अधिक लोगों और 3,000 से ज्यादा गांवों तक पहुंचे हैं।
इस दौरान HCL Foundation के पांच लाभार्थियों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। इनमें किसानों, महिलाओं, छात्रों और स्वास्थ्य लाभार्थियों को उनकी उपलब्धियों और आजीविका से जुड़े कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।