Breaking News

मनी लॉन्ड्रिंग: ED ने पैनकार्ड क्लब्स और अन्य की ₹646.58 करोड़ की संपत्ति जब्त की     |   गाजियाबाद के इंदिरापुरम में आग लगने की घटना का मुख्यमंत्री योगी ने संज्ञान लिया     |   UP: मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास ने लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात की     |   बीजेपी ने उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा की नई प्रदेश टीम का ऐलान किया     |   PM मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से की बात, बहादुरी की सराहना     |  

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, मकान-दुकान किराये पर लेना-देना होगा आसान, शुल्क व्यवस्था सरल

उत्तर प्रदेश में मकान, दुकान और गोदाम किराये पर लेने या देने वालों को राहत देने के लिए योगी सरकार ने अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 10 लाख रुपये तक के सालाना किराये वाले किरायेदारी और पट्टा विलेखों के लिए स्टांप शुल्क एवं पंजीयन फीस की व्यवस्था को आसान और किफायती बनाने को मंजूरी दी गई है। यह बदलाव 10 वर्ष तक की अवधि वाले किरायेदारी और पट्टा विलेखों पर लागू होगा। नई व्यवस्था से किरायानामा तैयार कराने और उसका पंजीयन कराने में लोगों पर पड़ने वाला अतिरिक्त वित्तीय बोझ कम होगा।

स्टांप तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि पहले मकान, दुकान या गोदाम के किराये पर स्टांप शुल्क की गणना सर्किल रेट के आधार पर की जाती थी। इससे किरायानामा बनवाने और पंजीकरण कराने में अधिक खर्च हो सकता था। अब सरकार ने निर्धारित शुल्क की व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत सालाना किराये के अनुसार शुल्क तय किया गया है।

सालाना किराया

निर्धारित शुल्क

2 लाख रुपये तक

1,000 रुपये

6 लाख रुपये तक

3,000 रुपये

10 लाख रुपये तक

4,500 रुपये

नई शुल्क व्यवस्था से मकान, दुकान और गोदाम किराये पर लेने या देने वाले लोगों के लिए किरायेदारी दस्तावेज तैयार कराना और पंजीकरण कराना आसान हो सकता है। सरकार का उद्देश्य किरायेदारी व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और कम खर्चीला बनाना है।