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योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, औद्योगिक क्षेत्रों में भवन मानचित्र मंजूरी होगी आसान

उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के क्षेत्रों में भवन मानचित्र और भूखंडों के अनुमोदन की प्रक्रिया अब आसान और पारदर्शी होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों हेतु मॉडल भवन विनियम-2026’ लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे निवेश और रियल एस्टेट क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सरकार का यह कदम प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ नगरीय विस्तार, बुनियादी सुविधाओं के विकास और निजी निवेश को गति देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए विनियमों से भवन और भूखंड के मानचित्रों को मंजूरी देने की प्रक्रिया सुगम होगी। साथ ही, विकसित की जा सकने वाली भूमि का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

मॉडल भवन विनियम-2026 से विनिर्माण, पर्यटन, आईटी और आईटीईएस, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। अनुमोदन प्रक्रिया सरल होने से इन क्षेत्रों में परियोजनाओं के विकास को गति मिल सकती है। इससे गुणवत्तापूर्ण आवासीय इकाइयों की उपलब्धता बढ़ाने और सुनियोजित शहरी विकास को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

सरकार का मानना है कि नए भवन विनियमों से कारोबार करना आसान होगा और औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। निवेश और रियल एस्टेट गतिविधियों के विस्तार से रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इस फैसले के जरिए प्रदेश में अवस्थापना विकास को मजबूत करने, भूमि का बेहतर उपयोग करने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।