उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अभियान के फेज-5 के दूसरे चरण के दौरान महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने, अपराधों की रोकथाम और पीड़ित महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
19 मार्च से 17 अप्रैल 2026 तक चले इस चरण में प्रदेशभर में 2.90 लाख से अधिक स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों की जांच की गई। इस दौरान 38.64 लाख से अधिक लोगों की चेकिंग हुई, जबकि 1,841 अभियोग दर्ज किए गए और 6,276 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की नोडल अधिकारी एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों ने मिलकर कई कार्यक्रम आयोजित किए। इनका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी देना है।
अभियान के दौरान आयोजित दौड़ कार्यक्रमों में 66,441 महिलाओं और बालिकाओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान 49,437 प्रचार सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रमों में 1,930 जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और प्रेरणादायी महिलाओं ने भी भाग लिया। धार्मिक स्थलों, मेलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित महिला चौपालों के माध्यम से 15,55,219 लोगों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान प्रदेश के 1,593 मिशन शक्ति केंद्रों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 12,51,777 महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन से जुड़ी 10,05,926 पर्चियां वितरित की गईं।
इसके अलावा विभिन्न ग्राम पंचायतों और वार्डों में बीट पुलिस अधिकारियों ने 45,040 कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, बीसी सखी, लेखपाल, एएनएम, आशा वर्कर और ग्राम पंचायत अधिकारियों सहित स्थानीय प्रतिनिधियों ने सहयोग किया।
महिला बीट पुलिस अधिकारियों ने अभियान के दौरान 99,377 गांवों और वार्डों का दौरा किया। इस दौरान घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं की पहचान कर उन्हें जरूरी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। घरेलू विवाद, भरण-पोषण और अन्य समस्याओं से जुड़े मामलों में कानूनी सहायता दिलाने और संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने की पहल भी की गई।
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस ने स्कूल-कॉलेजों, चौराहों, बाजारों, मॉल, पार्कों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान कुल 2,90,153 स्थानों की जांच की गई और 38,64,614 लोगों की चेकिंग हुई।
कार्रवाई के दौरान 1,841 अभियोग दर्ज किए गए, 6,276 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 16,85,263 लोगों को चेतावनी दी गई। इसके अलावा 59,897 स्थानों पर पुलिस गश्त और फुट पेट्रोलिंग की गई।
महिला अपराधों से जुड़े संवेदनशील स्थलों और हॉटस्पॉट क्षेत्रों में 39,454 कैमरे लगवाए गए। वहीं, राजकीय रेलवे पुलिस ने भी अभियान के तहत 4,893 रेलवे स्टेशनों और 11,226 ट्रेनों में 1,69,201 प्रचार सामग्री वितरित की।
मिशन शक्ति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रमों, पुलिस गश्त, चेकिंग और महिला बीट पुलिस के क्षेत्रीय दौरों के जरिए महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने पर ध्यान दिया गया।