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योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, लखनऊ-उन्नाव-रायबरेली में नए शहरों के लिए 380 करोड़ मंजूर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश में नए शहरों के विकास को लेकर अहम फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली विकास प्राधिकरण की परियोजनाओं के लिए 380 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी करने को मंजूरी दी गई है। इस फैसले से तीनों जिलों में नए शहरों के विकास, भूमि अर्जन और आवासीय सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

सरकार के मुताबिक, मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत भूमि अर्जन पर होने वाले खर्च का 50 प्रतिशत तक राज्य सरकार सीड कैपिटल के रूप में उपलब्ध कराएगी। यह राशि अधिकतम 20 वर्ष की अवधि के लिए दी जा सकती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य विकास प्राधिकरणों को नए शहरों के लिए जरूरी जमीन खरीदने में वित्तीय सहायता देना है। इससे भूमि अर्जन के शुरुआती खर्च का दबाव कम करने और परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

योजना के तहत लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली विकास प्राधिकरण की परियोजनाओं के लिए सीड कैपिटल की अधिकतम सीमा 655.76 करोड़ रुपये तय की गई है। इसी के तहत पहली किस्त के रूप में 380 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। इस धनराशि से भूमि अर्जन और नए शहरों के विकास से जुड़े शुरुआती कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

प्रदेश में नए शहरों के समग्र विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 3,500 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। इस राशि के जरिए शहरी विस्तार, भूमि अर्जन और आवासीय सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं को वित्तीय आधार देने की योजना है। सरकार का उद्देश्य बढ़ती शहरी आबादी और आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नगरीय क्षेत्रों का सुनियोजित एवं सुव्यवस्थित विकास करना है।

मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना को शासनादेश के जरिए 6 अप्रैल 2023 को लागू किया गया था। योजना के तहत नए शहरों के विकास के लिए आवश्यक भूमि अर्जन और बुनियादी सुविधाओं के निर्माण को प्रोत्साहित किया जाता है। लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली की परियोजनाओं के लिए पहली किस्त की मंजूरी से इन क्षेत्रों में भविष्य की आवासीय जरूरतों और शहरी अवस्थापना के विस्तार का आधार तैयार करने में मदद मिलेगी।