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महर्षि वाल्मीकि आश्रम में सीएम योगी ने की पूजा-अर्चना, प्राचीन शिवलिंग और सीता कुटिया के किए दर्शन

महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कानपुर के बिठूर स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना की और महर्षि वाल्मीकि को श्रद्धासुमन अर्पित किए। आश्रम में गुरुकुल के सात बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान दो महंतों ने धार्मिक विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया।

मुख्यमंत्री ने आश्रम में स्थित प्राचीन शिवलिंग की पूजा की। इसके बाद सीता कुटिया में दर्शन किए और परिसर में मौजूद प्राचीन पीलू के वृक्ष के भी दर्शन किए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह आश्रम महर्षि वाल्मीकि की साधना, माता सीता के वनवास और लव-कुश से जुड़ा हुआ है।

प्राचीन शिवलिंग की पूजा कर सीता कुटिया में किए दर्शन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्रम में परंपरागत विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मान्यता है कि महर्षि वाल्मीकि इस प्राचीन शिवलिंग की आराधना किया करते थे। पूजा के दौरान आश्रम परिसर में भक्तिमय माहौल रहा।

बिठूर स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम को रामायण परंपरा में विशेष स्थान प्राप्त है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वनवास के दौरान माता सीता को यहां आश्रय मिला था और लव-कुश का जन्म भी इसी स्थान से जुड़ा माना जाता है।

प्राचीन पीलू के वृक्ष के भी किए दर्शन

मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर में स्थित प्राचीन पीलू के वृक्ष के दर्शन भी किए। स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महर्षि वाल्मीकि इस वृक्ष के नीचे बैठकर जाप और तपस्या किया करते थे। इस वजह से यह वृक्ष भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है।

नानाराव पेशवा पार्क में विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास

महर्षि वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना और दर्शन के बाद मुख्यमंत्री नानाराव पेशवा पार्क पहुंचे। यहां आयोजित जनसभा में उन्होंने क्षेत्र के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

बिठूर स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। रामायण से जुड़े प्रसंगों और महर्षि वाल्मीकि की तपस्या की मान्यताओं के कारण यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।