उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि कन्नौज के बाद अब आजमगढ़ में भी समाजवादी पार्टी का राजनीतिक प्रभाव कमजोर होगा। राजभर ने कहा कि 29 नवंबर को होने वाली सुभासपा की सामाजिक समरसता महारैली में गैर-यादव पिछड़ों और बहुजन समाज की ताकत दिखाई देगी।
'आजमगढ़ में भी बजेगा अखिलेश की विदाई का बाजा'
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा के कथित राजनीतिक गढ़ एक-एक करके ढह रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आजमगढ़ में भी अखिलेश यादव का सियासी भ्रम टूटेगा। राजभर के मुताबिक, इस क्षेत्र में गैर-यादव पिछड़े और बहुजन समाज के लोग अपनी ताकत दिखाएंगे।
उन्होंने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि 29 नवंबर की महारैली के बाद उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग देखकर अपनी राजनीतिक ताकत का आकलन कर लें।
PDA की राजनीति पर भी साधा निशाना
राजभर ने अखिलेश यादव के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वाले राजनीतिक समीकरण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजभर, निषाद, चौहान, प्रजापति, पटेल और पाल समेत गैर-यादव पिछड़े समाज को केवल चुनाव के समय याद करने का दौर अब खत्म हो रहा है। राजभर ने दावा किया कि आजमगढ़ में बहुजन समाज अपनी आवाज बुलंद करेगा और PDA के नाम पर किए जा रहे दावों की सच्चाई सामने आएगी।
29 नवंबर को आजमगढ़ में होगी सामाजिक समरसता महारैली
सुभासपा प्रमुख के अनुसार, 29 नवंबर को आजमगढ़ के आईटीआई मैदान में पार्टी की सामाजिक समरसता महारैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि रैली में पूर्वांचल के दलित, पिछड़े और खासकर गैर-यादव पिछड़े समाज की एकजुटता देखने को मिलेगी।
राजभर ने कहा कि इस रैली के जरिए पार्टी अपनी राजनीतिक ताकत दिखाएगी। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा और दावा किया कि आने वाले चुनाव में सपा को बड़ा राजनीतिक नुकसान होगा।