पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी को विधानसभा की सदस्यता से 6 साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है। यह अयोग्यता 15 अप्रेल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। यह कार्रवाई बेंगलूरु की विशेष अदालत द्वारा धारवाड़ जिले में 2016 में भाजपा नेता यागेशगौड़ा गौंडर की हत्या मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद की गई है। अदालत ने कुलकर्णी सहित 17 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 30,000 का जुर्माना भी लगाया है।
विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह अयोग्यता भारतीय संविधान के अनुच्छेद 191(1)(ई) और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के तहत लागू की गई है। नियमों के मुताबिक, यदि किसी सक्षम न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि पर रोक (स्टे) नहीं दी जाती है, तो यह अयोग्यता उनकी रिहाई की तारीख से 6 वर्षों तक जारी रहेगी।
गौरतलब है कि कुलकर्णी 2023 विधानसभा चुनाव में धारवाड़ सीट से कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित हुए थे। उनकी अयोग्यता के बाद अब कर्नाटक विधानसभा में एक और सीट रिक्त हो गई है, जिस पर आगे उपचुनाव की संभावना बनेगी। इस फैसले के साथ ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इसका असर धारवाड़ क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति पर भी देखने को मिल सकता है।